छात्र निलेश कुमार पाटीदार ने बताया कि सीएफसीएल द्वारा अनुरक्षित संस्थान की इलेक्ट्रॉनिक एवं मैकेनिक ट्रेड के विद्यार्थियों ने अनुदेशक रितेश सुमन की मदद से एक डिवाइस बनाया है, जिससे वाइस डाटा को लाईफाई (लाइट फिडिलिटी डिटेक्ट) के माध्यम से एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेज पाना संभव हुआ है। ये लाइट से चलता है इसमें ट्रांसमीटर सेक्शन, रिसीवर सेक्शन व पावर एम्लीफायर सेक्शन होते हैं। ये तीनों मिलकर वाइस डेटा को ट्रांसफर करने में मदद करते हैं। अभी हमारा प्रयोग वाइस डेटा का है धीरे-धीरे वीडियो व फोटो के डाटा को भी भेजने के लिए काम करेंगे। इसमें सौलर पैनल,9 वॉट की बेट्री, एक स्पीकर व एलईडी बल्ब काम में लिया गया है। इसे बनाने में मात्र 600 रुपए का खर्चा आया है। इसे राहुल महावर, अंकुश पाटीदार, निलेश तीनों ने मिलकर बनाया है।