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सूरजपोल दरवाजा बाहर हॉलसेल सब्जीमंडी शुरू

रिटेल सब्जीमंडी में ग्राहकों का दबाव होगा कम
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झालावाड़

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Arun Tripathi

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Updated: 3 May 2020, 4:00 PM IST

jhalrapatan

रिटेल सब्जीमंडी में ग्राहकों का दबाव होगा कम,रिटेल सब्जीमंडी में ग्राहकों का दबाव होगा कम

झालरापाटन. जिला प्रशासन व नगरपालिका के संयुक्त प्रयास से सूरजपोल दरवाजा बाहर हॉलसेल सब्जी मंडी की शुरूआत की।
पुलिस उप अधीक्षक विजय शंकर शर्मा, शहर थाना प्रभारी जगदीश प्रसाद, अधिशाषी अधिकारी महावीर सिंह सिसोदिया, नगरपालिका अध्यक्ष अनिल पोरवाल, कार्यवाहक स्वास्थ्य निरीक्षक दिलीप कलोसिया के बीच शुक्रवार को हुई बैठक मेें चर्चा की कि सूरजपोल दरवाजा के पास स्थित नई सब्जीमंडी में सब्जी का हॉलसेल व रिटेल दोनों कारोबार एक ही स्थान पर होने से ग्राहकों की भीड़ बढऩे सेे सोशल डिस्टेंस की पालना नहीं होनेे सेे कोरोना संक्रमण का खतरा बना रहता है। इसे देखते हुए हॉलसेल सब्जीमंडी को अन्य जगह स्थानातंरित करने का निर्णय लिया। इसके तहत शनिवार सुबह से हॉलसेल सब्जीमंडी सूरजपोल दरवाजा बाहर शुरू की। जिसमें ग्रामीण क्षेत्र से सब्जी लेकर आने वाले सब्जी उत्पादक यहां से कारोबार करेंगे।
इनके बीच सोशल डिस्टेंस बनाने के लिए नगरपालिका ने इनके बैठने के लिए दूरी से गोले बना दिए, इससे रिटेल सब्जीमंडी में ग्राहकों का दबाव कम हो गया।

15 दिन से कोई मामला सामने नहीं आया, राहत
-राजस्थान का हॉटस्पॉट बना है पिड़ावा
पिड़ावा. राजस्थान का हॉटस्पॉट जॉन बने कस्बे में 15 दिन से कोरोना वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है। वहीं कलक्टर द्वारा 3 मई तक जीरो मोबिलिटी क्षेत्र घोषित किया है। शुक्रवार को वार्ड 14 झिरी मोहल्ले में एक व्यक्ति की मौत होने पर उसके शव को जांच के लिए झालावाड़ भेजा। सीएचसी प्रभारी पवन पाटीदार ने बताया कि रिपोर्ट आने पर शव को झालावाड़ से पिड़ावा भेजा जाएगा ।
-हॉटस्पॉट जोन में किया सहरानीय कार्य
कस्बे में संक्रमण के दौरान क्षेत्र के पटवारी अकील मोहम्मद, पटवारी रविन्द्र मेवलिया ने हॉटस्पोर्ट जॉन में जाकर संक्रमित मरीजों के परिवारों का सर्वे कर उनको जांच के लिए तैयार किया और राजकीय महाविद्यालय में बनाए आइसोलेशन सेंटर ले जाकर जांच कराई। वहीं कोरोना से जंग में मेडिकल विभाग की और से बीपीएम शरद शर्मा की अहम भूमिका रही।
-लॉकडाउन व कफ्र्यू में जारी परिवहन अनुमति
उपखंड कार्यालय से लॉकडाउन के दौरान लगभग 170 लोगों को परिवहन अनुमति जारी की है। इसमें अन्य राज्यों में परिवहन की अनुमति भी शामिल है। वहीं कस्बे में 7 अप्रैल से लगे कफ्र्यू के दौरान 2 मई तक लगभग 70 लोगों को परिवहन की अनुमति दी है।
-मोबाइल वेन से मरीजों को परामर्श
कफ्र्यू के दौरान लोगों को चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए शुरू की मोबाइल मेडिकल वेन से शनिवार को वार्ड 9 में 112 मरीजों को देखकर उन्हें दवाइयां वितरित की।

पोश मशीन में सर्वर नहीं आए, गेहूं के लिए इंतजार
-राशन की दुकान पर बैठे रहे उपभोक्ता
सारोलाकलां. राशन की दुकानों पर शनिवार को सर्वर डाउन रहने से उपभोक्ताओं की भीड़ लग गई। यहां अपरान्ह तक सर्वर डाउन रहे। इससे उपभोक्ता सर्वर चालू होने का इंतजार करते दिखे। उपभोक्ता ओमप्रकाश ने बताया कि वो सुबह से गेहूं लेने के लिए बैठे हैं।
-बकानी. कस्बे में पोश मशीन में सर्वर नहीं आने के कारण उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह 8 से 12 बजे के बीच में राशन की दुकानों पर उपभोक्ताओं को राशन उपलब्ध कराया जा रहा है, लेकिन शनिवार सुबह 10 बजे के बाद से पोश मशीन में सर्वर नहीं आने के कारण उपभोक्ताओं को घन्टों इन्तजार करना पड़ा। दोपहर 12 बजे तक सर्वर नहीं आने के कारण कई उपभोक्ताओं को निराश लौटना पड़ा। वहीं इस दौरान सौशल डिस्टेन्स की पालना करते हुए उपभोक्ता सर्वर आने का इन्तजार करते रहे।

लाभार्थियों को वितरित किया गेहूं
-चना दाल का इंतजार
भालता. कोरोना वायरस से उत्पन्न आसन्न संकट में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा राशन वितरण शुरू किया है। कस्बे सहित आसपास की 35 आंगनबाड़ी पाठशालाओं के माध्यम से पंजीकृत लाभार्थियों को टेक होम राशन उपलब्ध कराने के लिए साबूत खाद्य सामग्री गेहूं वितरित किए। महिला पर्यवेक्षक नीरा ने बताया कि चना दाल उपलब्ध नहीं होने से वितरण नही हुई।
इधर गेहूं पहुंचा न दाल
समीपस्थ विद्यालय से गेहूं तथा राशन डीलर के माध्यम से चना दाल प्राप्त करनी थी। भालता सैक्टर के अंतर्गत आने वाली गेहूंखेड़ी के प्रथम द्वितीय केंद्र मदनपुरिया समेत आधा दर्जन आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यकर्ताओं को गेहूं भी मांगपत्र अनुसार उपलब्ध नहीं हुआ। वहीं राशन डीलर के पास दाल नहीं पहुंचने के कारण लाभार्थियों को चना दाल नहीं मिल सकी।
आंगनबाड़ी कर्मियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि पहले तो स्कूलों से पोषाहार लेकर आए। फिर पैकेट बना घर तक वजन ले जाने में मुश्किलें आ रही है। दाल नहीं मिलने के बावजूद विभाग ने गेहूं ही वितरित करा दिए। इससे एक ही लाभार्थी के घर दो बार जाकर राशन देने की मशक्कत करनी पड़ेगी।

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