झालावाड़. जैविक खेती के लिए पद्यश्री अवार्ड से सम्मानित मानपुरा के प्रगतिशील किसान हुकुमचंद पाटीदार देश में जैविक खेती की अलख जगा रहे हैं। देशभर के किसान पाटीदारी से जैविक खेती के बारे में जानकारी लेने आते हैं। इस बार पाटीदार जैविक गन्ने की खेती की तैयारी में जुटे हैं। उन्होंने जैविक गन्ने की पौध तैयार कर ली है। यह गन्ना अन्य किस्म के गन्नों से अधिक मोटा होता है मिठास भी अधिक होती है। यह स्वाद में लाजवाब होता है। इसके अलावा जैविक धान की पौध भी तैयार कर हैं। खरीफ सीजन में सोयाबीन, मक्का, उड़द, मूंग भी जैविक खेती करते हैं।पाटीदार का कहना है कि मृदा को बचाने के लिए जैविक खेती ही एकमात्र विकल्प है। इसलिए जैविक खेती को प्रोत्साहन देने की जरूरत है। अब सरकार के स्तर पर भी जैविक खेती को लगातार बढ़ावा दिया रहा है। जो अच्छी
पहल है।