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राजस्थान में जैविक गन्ने की मिठास घुलेगी, होने लगेगी खेती

. पद्यश्री सम्मानित किसान पाटीदारी ने जैविक खेती के बताए फायदे. कोटा के प्रगतिशील किसानों ने ली जैविक खेती की जानकारी

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राजस्थान में जैविक गन्ने की मिठास घुलेगी, होने लगेगी खेती

राजस्थान में जैविक गन्ने की मिठास घुलेगी, होने लगेगी खेती

झालावाड़. जैविक खेती के लिए पद्यश्री अवार्ड से सम्मानित मानपुरा के प्रगतिशील किसान हुकुमचंद पाटीदार देश में जैविक खेती की अलख जगा रहे हैं। देशभर के किसान पाटीदारी से जैविक खेती के बारे में जानकारी लेने आते हैं। इस बार पाटीदार जैविक गन्ने की खेती की तैयारी में जुटे हैं। उन्होंने जैविक गन्ने की पौध तैयार कर ली है। यह गन्ना अन्य किस्म के गन्नों से अधिक मोटा होता है मिठास भी अधिक होती है। यह स्वाद में लाजवाब होता है। इसके अलावा जैविक धान की पौध भी तैयार कर हैं। खरीफ सीजन में सोयाबीन, मक्का, उड़द, मूंग भी जैविक खेती करते हैं।पाटीदार का कहना है कि मृदा को बचाने के लिए जैविक खेती ही एकमात्र विकल्प है। इसलिए जैविक खेती को प्रोत्साहन देने की जरूरत है। अब सरकार के स्तर पर भी जैविक खेती को लगातार बढ़ावा दिया रहा है। जो अच्छी
पहल है।

जैविक गन्ना तैयार
पाटीदार ने अपने खेत में जैविक गन्ने की खेती तैयार की है। जो सामान्य गन्ना से अधिक मिठास देने वाला है और लम्बाई और मोटा भी अधिक होता है। उन्होंने बताया कि जैविक गन्ने की खेती की तत्कालीन जिला कलक्टर हरिमोहन मीणा और एसपी किरन कंग सिद्दू ने खेत पर पहुंचकर जानकारी ली थी। कृषि विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ भी जैविक खेती की जानकारी लेने आते हैं। हुसैन देशवाली ने पाटीदार को जैविक खेती की जानकारी देने के लिए कोटा में कार्यशाला में आमंत्रित किया।

किसानों को जागरुक किया जाएगा
हुसैन देशवाली ने बताया कि प्रतिनिधि मण्डल ने जैविक खेती के बारे में जानकारी ली है। कोटा में जैविक खेती के बारे में किसानों को जागरुक किया जाएगा। इसके लिए कार्यशालाएं आयोजित की जाएगी। पाटीदार के मार्गदर्शन में कोटा में जैविक कलस्टर तैयार हुआ है।