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विस्थापित गांव ‘खोद को ‘ठौर की दरकार….

-पुरानी पंचायत ने छोड़ा, नई नही कर रही शामिल-चार साल से अधर में झूलते ग्रामीणों के नही हो रहे काम

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The needy village 'Khod to the unplanted village ....'

विस्थापित गांव 'खोद को 'ठौर की दरकार....

विस्थापित गांव 'खोद को 'ठौर की दरकार....
-पुरानी पंचायत ने छोड़ा, नई नही कर रही शामिल
-चार साल से अधर में झूलते ग्रामीणों के नही हो रहे काम
-जितेंद्र जैकी-
झालावाड़. जिले की रेवा सिंचाई परियोजना में डूब क्षेत्र में आए ग्राम पंचायत श्रीछत्रपुरा के गांव खोद विस्थापित होने के बाद भी चार साल सेे पंचायत की ठौर मांग रहा है ताकि गांव में सुविधाएं उपलब्ध हो सके। क्योकि प्रशासन ने गंाव को पुरानी पंचायत श्रीछत्रपुरा से हटाकर ग्राम पंचायत घटोद के क्षेत्र में विस्थापति कर दिया लेकिन घटोद पंचायत इस गांव को अपने में शामिल नही कर रही है। वहीं दूसरी ओर डूब क्षेत्र के कुछ ग्रामीणों ने मुआवजा लेने के बाद भी पुरानी जगह पर ही अपना ठिकाना बना लिया और ग्राम पंचायत श्रीछत्रपुरा ने भी उसे अपना लिया। वर्तमान में पुरानी जगह वालों पर ग्राम पंचायत की नजरे इनायत है वहां सारी सुविधा मिल रही है लेकिन जो नियमानुसार विस्थाति हुए उन्हे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्योकि ग्रामीणों के पास सारे दस्तावेज पुरानी ग्राम पंचायत श्रीछत्रपुरा के है और नई पंचायत घटोद उन्हे अपना गांव नही मान रही है। इससे नरेगा में भी काम नही मिल पा रहा है। पंचायत की ओर से जाब कॉड भी जारी हो नहीं हो रहे है। हालाकि मतदान वह ग्राम पंचायत घटोद में ही कर रहे है। शनिवार को पत्रिका संवाददाता जितेंद्र जैकी ने गांव खोद का दौरा किया तो ग्रामीणों ने उसे समस्या से अवगत कराया।
-यह है स्थिति
जिले की रेवा सिंचाई परियोजना के निर्माण के बाद 2014 में डूब में आए गांव खोद के लोगों को जल संसाधन विभाग ने घटोद पंचायत की करीब 66 बीघा चारागाह जमीन पर विस्थापित कर दिया था। यहां करीब 150 मकान में करीब 750 की जनसंख्या है। हालाकि यहां सरकारी स्कूल, अंागनबाड़ी व उप स्वास्थ्य केंद्र है। लेकिन गंाव में ग्राम पंचायत की ओर से मिलने वाली सुविधा नही मिल पा रही है। यहां मकानों के सामने ग्रेवल सड़क है, लेकिन इंटरलोकिंग नही है। नालियां नही है। इस कारण आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। बारिश में तो भारी परेशानी आती है। पैदल चलना भी दूभर हो जाता है।
-ग्रामीणों की पीड़ा
ग्रामीण सत्यनारायण तिवारी, देवीलाल मेहर, मोहनलाल, राधेश्याम, रत्तीराम मेहर व फूलचंद बैरवा की अगुवाई में लोगों ने बताया कि गांव के गरीब लोगों को नरेगा में काम के लिए ग्राम पंचायत की ओर से जॉब कार्ड व श्रमिक कार्ड नही बनने से परेशानी आ रही है। लोग बेरोजगाकर घुम रहे है। गंाव में बिजली व पानी की समस्या भी बनी रहती है। कुछ नल जो लगाए है वह भी गंाव से दूर है इससे पानी भरने जाने में परेशानी आती है। गंाव की वृद्वा व विधवा मुथरी बाई व मोडी बाई ने बताया कि उन्हे विधवा और वृद्वावस्था पेंशन भी नही मिल रही है।
-यह है ग्रामीणों की अपेक्षा
ग्रामीणों ने कांग्रेस नेता हेमंत बैरवा की अगुवाई में मंाग की है कि जब दोनो ग्राम पंचायतों ने उन्हे मानने में इंकार कर दिया तो क्यो नही प्रशासन खोद को ही ग्राम पंचायत बना दे, क्योकि खोद के आसपास गांव बंजारों का खेड़ा, बूडनपुर, बाड़ी, मेहरपुरा, खेजडिय़ा खाल व खोद को मिलाकर नई पंचायत बना देना चाहिए ताकि हमारी खुद की पंचायत बन जाएगी तो हमारे गंाव का विकास हम खुद कर लेगें। अभी हमने इस समस्या से सभी सम्बंधित विभाग व उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया लेकिन कोई हल नही निकला।
-अभी हेंडओवर नही हुआ है, सरपंच घटोद
इस सम्बंध में ग्राम पंचायत घटोद की सरंपच धापू चौधरी ने बताया कि गांव खोद को अभी जल संसाधन विभाग की ओर से ग्राम पंचायत को हेंडओवर नही किया गया है। इसलिए परेशानी आ रही है। जल संसाधन विभाग की ओर से गांव में सुविधा देने का प्रयास करना चाहिए। गांव में पूरी सुविधा हो जाएगी तो हम हैंडओवर कर लेगें।
-प्रशासन को सुलझाना चाहिए मसला, सरपंच श्रीछत्रपुरा
इस सम्बंध में ग्राम पंचायत श्रीछत्रपुरा की सरंपच सुलोचना यादव ने बताया कि हमने तो गांव खोद को ग्राम पंचायत घटोद में विस्थापित करवा दिया था। कुछ लोग यहीं पर रह गए उन्हे जरुर पंचायत की ओर से सुविधा मिल रही है। नया खोद के मसले को प्रशासन को सुलझाना चाहिए।
-हमने तो नियमानुसार गंाव में सारी सुविधा दे दी, जल संसाधन विभाग
इस सम्बंध में जल संसाधन विभाग के अधिशाषी अभियंता अजीत जैन ने बताया कि गांव खोद का विस्थापित कर हमने वहां सारी सुविधा विभाग के नियमानुसार जो देय होनी चाहिए दे दी है। ग्राम पंचायत को अब इसे हेंडओवर कर लेना चाहिए। वेसे तो ग्रामीणों की कई मांगों चलती रहती है। हमने मूलभूत सारी सुविधा उपलब्ध करवा दी है।
-मसला सुलझा देगें, प्रशासन
इस सम्बंध में अतिरिक्त जिला कलक्टर रामचरण शर्मा ने बताया कि जिले के रेवा बांध के डूब क्षेत्र में आए गंाव खोद के विस्थापित गंाव में सुविधाओं के मसले को जानकारी लेकर शीघ्र सुलझा दिया जाएगा।

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