
5 मार्च तक 41 सोनोग्राफी सेंटरों का निरीक्षण करना था, अधिकारी 5 का ही कर पाए,5 मार्च तक 41 सोनोग्राफी सेंटरों का निरीक्षण करना था, अधिकारी 5 का ही कर पाए,5 मार्च तक 41 सोनोग्राफी सेंटरों का निरीक्षण करना था, अधिकारी 5 का ही कर पाए,5 मार्च तक 41 सोनोग्राफी सेंटरों का निरीक्षण करना था, अधिकारी 5 का ही कर पाए,5 मार्च तक 41 सोनोग्राफी सेंटरों का निरीक्षण करना था, अधिकारी 5 का ही कर पाए,5 मार्च तक 41 सोनोग्राफी सेंटरों का निरीक्षण करना था, अधिकारी 5 का ही कर पाए,5 मार्च तक 41 सोनोग्राफी सेंटरों का निरीक्षण करना था, अधिकारी 5 का ही कर पाए,5 मार्च तक 41 सोनोग्राफी सेंटरों का निरीक्षण करना था, अधिकारी 5 का ही कर पाए,5 मार्च तक 41 सोनोग्राफी सेंटरों का निरीक्षण करना था, अधिकारी 5 का ही कर पाए
झालावाड़.पीसीपीएनडी अधिनियम एवं नियम के तहत पंजीकृत व संचालित हो रहे प्रत्येक सोनोग्राफी केन्द्र का निरीक्षण जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा 5 मार्च को पूर्ण करने थे। लेकिन जिले में कई अधिकारियों ने इन निरीक्षण में रूचि ही नहीं दिखाई।
जबकि राज्य सरकार के निर्देशानुसार निरीक्षण अभियान 15 फरवरी से 5 मार्च तक चलाकर निरीक्षण पूर्ण करने थे। इस दौरान प्रत्येक पंजीकृत सोनोग्राफी केन्द्र का कम से कम एक बार निरीक्षण कर उन्हे इम्पेक्ट सॉफ्टवेयर में अपडेट करने एवं पीसीपीएनडीटी अधिनियम,1994 एवं नियम 1996 की अक्षरश: पालना सुनिश्चित करने का कार्य किया जाना था, लेकिन जिले में ऐसा नहीं हुआ। ऐसे में कई सेंटर पर चोरी छीपे ***** परीक्षण किया जा रहा हो तो इसकी जांच करने वाला कोई नहीं है।
नियम को प्रभावी बने-
पीसीपीएनडीटी अधिनियम एवं नियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले के उपखंड समुचित प्राधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया है, लेकिन इसके बाद भी अधिकारियों ने निरीक्षण में रूचि नहीं दिखाई, जबकि सभी अधिकारियों को पद के अनुसार अलग-अलग निरीक्षण करने थे।
41 में से पांच के ही हुए निरीक्षण-
जिले में पंजीकृत सोनोग्राफी सेंटर की संख्या 41 है। जिसमें अधिकारियों ने पांच ही सेंटर का निरीक्षण किया है। ऐसे में अन्य सेंटर पर क्या चल रहा है, इसका अधिकारियों को पता ही नहीं है। जिले में सीएमएचओ डॉ. साजिद खान ने चार, डीटीओ डॉ.जीएम सेय्यद ने एक निरीक्षण किया है। हालांकि कुछ अधिकारियों के पद रिक्त होने से भी निरीक्षण नहीं हो पाए है।
इतने ही किए निरीक्षण-
नाम निरीक्षण करने थे निरीक्षण किए
डॉ.साजिद खान सीएमएचओ 17 04
डॉ.एनपी सिंह डीआरसीएचओ 07 00
डॉ.जीएम सय्यद डीटीओ 03 01
पद रिक्त डिप्टी सीएमएचओ परिवार 03 00
पद रिक्त डिप्टी सीएमएचओ हैल्थ 11 00
मुखबरी योजना नहीं लोगों की रूचि-
पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत सूचना देने वालों को एक लाख रूपए तथा गर्भवति महिला का सहयोग लेने पर उसे भी एक लाख, सहयोगी को 50 हजार का इनाम दिया जाता है। कुल मुखबरी योजना में ढ़ाई लाख का इनाम दिया जाता है। लेकिन लोगों को योजना की जानकारी नहीं होने से कोई सूचना नहीं दे रहे हैं। जबकि पूर्ण में जिले की महिलाएं गुना व एमपी के अन्य जिलों में जाकर ***** परीक्षण करने की शिकायतें आ चुकी है।
जल्द करेंगे निरीक्षण-
कोरोना सुपरविजन में लगे हुए है, इसलिए निरीक्षण समय पर नहीं हो पाए है। शेष रहे सेंटर के जल्द निरीक्षण किए जाएंगे। कुछ पद रिक्त होने से भी सारे केन्द्रों के निरीक्षण नहीं हो पाए है।
डॉ.साजिद खान, सीएमएचओ, झालावाड़।
Published on:
07 Mar 2021 09:54 pm
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