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Toll Tax: एनएच 52 पर सफर महंगा, 110 रुपए का और टोल टैक्स देना होगा

राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर कोटा जिले के रामगंजमंडी के सलावदखुर्द के पास नया टोल प्लाजा शुरू हो गया है। इस टोल प्लाजा पर हल्के वाहनों से 110 रुपए का टोल टैक्स निर्धारित किया गया है।

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Toll Tax Breaking News..एनएच 52 पर सफर महंगा, 110 रुपए का और टोल टैक्स देना होगा

Toll Tax Breaking News..एनएच 52 पर सफर महंगा, 110 रुपए का और टोल टैक्स देना होगा

झालावाड़। राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर कोटा जिले के रामगंजमंडी के सलावदखुर्द के पास नया टोल प्लाजा शुरू हो गया है। इस टोल प्लाजा पर हल्के वाहनों से 110 रुपए का टोल टैक्स निर्धारित किया गया है। झालावाड़, झालरापाटन, अकलेरा व मध्यप्रदेश तक आने-जाने का सफर टोल लगने से महंगा हो गया है। पहले झालावाड़ से कोटा तक एक ही जगह टोल देना पड़ता था, अब दो जगह टोल टैक्स देना होगा। हालांकि अभी भी इस एनएच का कार्य पूरा नहीं हुआ है। कुछ जगह कार्य चल रहा है, जिसे पूरा होने पर दो-तीन माह लगने की संभावना है।

इस राजमार्ग पर परिवहन शुरू से जयपुर से जबलपुर तक की यात्रियों को फायदा मिलने लगा है। इससे सामान्य रफ्तार से गाडी़ चलाने पर भी कोटा से झालावाड़ का सफर सवा घण्टे में पूरा हो जाता है। यानी 20 से 25 मिनट का समय बच रहा है। हालांकि सुगम सफर के लिए कोटा से झालावाड़ जाने पर दो जगह टोल देना पड़ रहा है। इससे सफर महंगा हो गया है।


कोटा से मध्यप्रदेश की सीमा तक तीन टोल
एनएच 52 पर कोटा से झालावाड़ होकर अकलेरा के आगे मध्यप्रदेश की ओर से जाता है। कोटा से मध्यप्रदेश की सीमा तक अब इस राजमार्ग पर अब तीन जगह टोल देना होगा। कोटा से निकलने पर मण्डाना, फिर सलावदखुर्द तथा अकलेरा में टोल देना होगा।

यह टोल गणित
- मण्डाना टोल : कार पर एक तरफ 55 रुपए तथा चौबीस घण्टे में वापस आने पर 85 रुपए का टोल देय है।
- सलावदखुर्द के पास टोल : कार का एक तरफ पर 110 रुपए तथा चौबीस घंटे में वापस आने पर 165 रुपए टोल देय ।
- अकलेरा के पास टोल : हल्के वाहन पर एक तरफ का 55 रुपए तथा चौबीस घण्टे पर वापस आने-जाने पर 80 रुपए टोल देय।

दरा नाल पर सुरक्षित सफर की तैयारी
एनएच 52 दरा में मुकुंदरा नेशनल टाइगर रिजर्व सीमा में करीब सात किमी होकर गुजरता है। वैसे तो यह राजमार्ग फोरलैन है, लेकिन टाइगर रिजर्व के कारण दरा की नाल से सात किमी तक पूर्व में निर्मित दोलैन ही रहेगा। रेलवे लाइन की सफर कटाव होने के कारण संभावित दुर्घटना के मद्देनजर सुरक्षित सफर के लिए लोहे की रैलिंग और पक्की दीवार का निर्माण करवाया जा रहा है। साथ ही जगह-जगह रोड सेफ्टी के संकेतांक लगाए जा रहे हैं।