
मोटर पंप से बाहर निकाल रहे खेतों में भरा पानी (फोटो: पत्रिका)
Jhalawar Weather: झालावाड़ के भालता क्षेत्र के बैरागढ़, गेंहूखेड़ी सहित कई गांव बीते दिनों हुई अतिवृष्टि से प्रभावित हुए हैं। खेत मे उगी फसल जलमग्न हो जाने से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। मौसम में उतार चढ़ाव व जून में ही अच्छी बारिश के बाद किसानों ने फसल बुआई की। बुआई के बाद जोरदार बारिश से बीज खेत की मिट्टी मे ही दब जाने के कारण अंकुरित नही हुआ। बैरागढ़ व आसपास के किसानों ने महंगे दामों पर बीज खरीद कर दुबारा बुआई की, लेकिन मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक हुई बारिश और धूप न निकलने से बीज खराब होने का डर सता रहा है, तो कई खेतों में दूसरी बार का बीज भी खराब हो गया है।
क्षेत्र में गत दिनों हुई बारिश ने कहर बरपा दिया है। किसानों ने तीसरे दिन भी मोटर पम्प की सहायता से खेतों में भरा पानी बाहर निकालने की मशक्कत की। बैरागढ़ में सड़क किनारे खेतों में जल भराव की स्थिति बन गई है, जिससे किसानों की बोई गई फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं। सोयाबीन, मक्का जैसी खरीफ फसलें जल भराव के कारण नष्ट हो गई हैं। यहां करीब 50 बीघा जमीन में शुक्रवार तक भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
किसान पूरीलाल, मांगीलाल लोधा व अन्य ने बताया कि लगातार बारिश और जल भराव के कारण उगी सोयाबीन के पौधे पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। किसानों ने कर्ज लेकर बीज और खाद की व्यवस्था की थी, लेकिन फसलों के नुकसान के कारण वे परेशान हैं। गेंहूखेड़ी में मकानों व दुकानों में पानी घुस जाने से नुकसान पहुंचा है। यहां व्यापार पूरी तरह ठप हुआ है। सामान भीगने व नुकसान के बाद भी अभी तक किसी ने सुध नहीं ली है। प्रभावित व्यापारी व किसान प्रशासन से तत्काल सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। किसानों ने कहा कि नाला निर्माण कर प्रशासन को जल्द से जल्द जल निकासी की व्यवस्था करनी चाहिए और प्रभावित किसानों को मुआवजा देना चाहिए।
Updated on:
05 Jul 2025 11:22 am
Published on:
05 Jul 2025 11:22 am
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