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कोटा-झालावाड़ में बाढ़ से क्यों मची तबाही, आईएएस जांचेंगे

. भीमसागर बांध के पानी ने मचाई तबाही, अब नपेंगे अधिकारी. जिला कलक्टर ने एसडीएम को जांच सौंपी
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झालावाड़

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Ranjeet Singh Solanki

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Updated: 14 Aug 2021, 11:28 AM IST

कोटा-झालावाड़ में बाढ़ से क्यों मची तबाही, आईएएस जांचेंगे

कोटा-झालावाड़ में बाढ़ से क्यों मची तबाही, आईएएस जांचेंगे

झालावाड़। जल संसाधन विभाग के अभियंताओं की लापरवाही के कारण भीमसागर बांध के पानी ने झालावाड़ और कोटा जिले के सांगोद में भारी तबाही मचाई है। अभियंताओं की लापरवाही से झालावाड़ और कोटा जिले के सैकडों लोगों की जान खतरे में डाल दी थी। इस मामले में सांगोद के विधायक भरतसिंह ने तो भीमसागर बांध पर पहुंचकर सांगोद में बाढ़ की स्थिति के लिए सीधे तौर पर अभियंताओं को जिम्मेदार ठहराया था। मामला सरकार तक पहुंचने के बाद झालावाड़ जिला कलक्टर हरिमोहन मीणा ने समूचे मामले की जांच के लिए आईएएस व उपखण्ड अधिकारी मुहम्मद जुनैद को जांच सौंप दी है। जिला कलक्टर ने तत्काल जांच रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। आईएएस जांच करेंगे कि कोटा के सांगोद और झालावाड़ में बाढ़ कैसे आई। क्या भीमसागर बांध के गेट खोलने में कोताही बरती गई है, वे तमाम पहलुओं की पड़ताल करेंगे। जिला कलक्टर की ओर से जारी आदेश में कहा कि झालावाड़ व कोटा के सांगोद में आई भीषण बाढ़ के संबंध में समस्त कांग्रेस कार्यकर्ता ब्लॉक खानपुर की ओर से प्रार्थना पत्र पेश किया है। जिसमें कहा कि भीमसागर बांध के अधिकारियों के खिलाफ शिकायत प्रस्तुत की है कि बांध के गेट पानी की आवक होने पर धीरे-धीरे नहीं खोले गए और बांध में अत्यधिक पानी की आवक होने पर एक साथ 14-14 फीट पांचों गेट खोलकर पानी की निकासी की गई। जिससे झालावाड़ और सांगोद में बाढ़ आई और भारी तबाही मची है। इस शिकायत की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। गौरतलब है कि भीमसागर बांध का पिछले गुरुवार देर शाम को जलस्तर 1007 हो चुका था। गुरुवार शाम से ही बारिश का दौर शुरू हो चुका था उसके बाद रात्रि को जलस्तर लगातार बढ़ता रहा बांध पर सिर्फ एक ही कर्मचारी तैनात था उसे भी सिर्फ गेज लेना आता है। लगातार बारिश होने से बांध में जलस्तर बढऩे लगा शुक्रवार सुबह 5 बजे बांध का जलस्तर 1009 के ऊपर निकल चुका था। क्यो की असनावर क्षेत्र समेत रटलाई में उस दिन जोरदार झमाझम बरसात की वजह से उजाड़ नदी उफान पर आ रही थी।