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Farmer angry : हमारी जगह पर व्यापारियों का कब्जा क्यों, किसान आक्रो​शित

एसडीएम ने की किसानों से वार्ता : समस्या को जल्द हल करने का आश्वासन दिया

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Why traders occupy our place, farmers are angry

झालावाड़ जिले की भवानीमंडी कृ​षि उपज मंडी में टीनशेड में व्यापारियों का माल जमा होने से हो रही परेशानी को लेकर प्रदर्शन करते किसान।

झालावाड़ जिले में भवानीमंडी नगर की अ श्रेणी कृषि उपजमंडी के यार्ड में लगे टीनशेड को व्यापारियों से खाली नहीं कराने के विरोध में किसानों ने मंडी गेट को बंद कर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर समझाइश कर गेट खुलवाया। उपखण्ड अधिकारी ने भी किसानों से वार्ता कर समस्या को जल्द हल करने का आश्वासन दिया। किसान रामनारायण दांगी, हजारीलाल धाकड़, मानसिंह दांगी, गोपाल नागर, सालाग्राम पाटीदार, शिव सिंह, नंदराम गुर्जर, सुजान सिंह, तुफान नागर ने बताया कि मंडी सचिव को किसानों द्वारा कई बार कृषि उपज मंडी में स्थित टीनशेड में जमा व्यापारियों के माल को खाली करवाने के लिए कहा गया लेकिन सचिव ने कोई उचित कार्रवाई नहीं की। इससे बारिश के मौसम में भी टीनशेड में 70 प्रतिशत व्यापारियों का माल भरा हुआ है। ऐसे में मंडी में जिंस लेकर आने वाले किसानों के सामने खुले में जिंसो को खाली करने के अलावा कोई चारा नहीं है। बरसात में जिंस भीग रहे हैं और खमियाजा किसानों को उठाना पड़ रहा है। बुधवार को किसानों ने व्यापारियों से टीनशेड खाली कराने की मांग को लेकर मंडी के मुख्य गेट को बंद कर विरोध जताया।

इस दौरान किसानों ने नारेबाजी कर प्रदर्शन भी किया। मंडी का गेट लगने से किसानों के जिंसों से भरे वाहन प्रदर्शन के दौरान मंडी गेट के बाहर ही खड़े रहे। जिससे पचपहाड़-भवानीमंडी मार्ग पर वाहनों की कतारें लग गई। आधे घंटे बाद सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाइश कर जाम को खुलवाया। उपखण्ड अधिकारी कमल कुमार मीणा ने किसानों के 5 प्रतिनिधियों से बैठक में चर्चा कर समस्या का समाधान करने की बात कही।

इस दौरान उपखण्ड अधिकारी ने कृषि मंडी के सहायक कर्मचारी अरूण शर्मा से पूछा कि व्यापारियों को टीनशेड खाली करने के लिए नोटिस कब दिया। अब तक टीनशेड खाली क्यों नहीं हुए। जिस पर कर्मचारी ने कहा कि टीनशेड खाली करवा दिए थे लेकिन कुछ व्यापारियों ने मंडी में अवकाश के दौरान फिर से जिंसों से भरे कट्टों को जमा दिया है जिसे कल तक टीनशेड से हटवा दिया जाएगा।

10 साल से यही हालात

किसान रामविलास पाटीदार ने बताया कि टीनशेड खाली करवाने के हाकात पिछले 10 सालों से ऐसे ही है। किसानों के टीनशेड पर व्यापारियों द्वारा कब्जा करके के माल को जमा दिया जाता है। जिससे किसानों को बारिश के दिनों में जिंसों को खाली करने में परेशानी होती है। हमेशा ही मंडी सचिव से शिकायत करने के टीनशेड को खाली करवाया जाता है। लेकिन मंडी प्रशासन भी किसानों की समस्या का स्थाई समाधान नहीं करता है।

4 माह पूर्व नोटिस देने के बाद भी खाली नहीं किया टीनशेड

मंडी सचिव द्वारा 15 मार्च को करीब 2 दर्जन व्यापारियों को नोटिस जारी कर टीनशेड को खाली करने के लिए कहा गया था। 16 मार्च से बारिश का हवाला देते हुए नोटिस में चेतावनी दी गई थी की टीनशेड में रखी हुई अस्थाई कृषि जिंसों की बोरियों को अविलम्ब हटा ले। अन्यथा मियाद गुजरने के बाद मंडी समिति द्वारा नियामानुसार अनुज्ञापत्र निलंबन की कारवाई की जाएगी। जिसकी जिम्मेदारी स्वयं की होगी।

टीनशेड में आधा माल व्यापारियों एवं आधा माल किसानों का रखा हुआ था। जिसमें से व्यापारियों से माल को हटवा दिया है। वही किसानों के माल को भी खाली करवाकर तुलवा दिया है। जब टीनशेड खाली रहता है तो व्यापारी अपना माल रख देते है। चौकीदार भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। व्यापारी भी टीनशेड में माल रखने से नहीं मानते हैं। रामपाल कुमावत, सचिव, कृषि उपजमंडी, भवानीमंडी