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खेतों में किसानों के अरमानों को रौंद रहे वन्यजीव

सर्द रात में खेतों में रखवाली को मजबूर है अन्नदाता

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Wildlife

झालावाड़ जिले के पनवाड़ क्षेत्र में एक खेत में घुसी नील गाय।

पनवाड़ क्षेत्र के कई गांवों में इस समय जंगली जानवर किसानों के लिए परेशानी का सबक बने हुए हैं। जंगली जानवर मौका मिलते ही ही खेतों में घूसकर रात के समय किसानों की फसले पैरों तले रोंद रहे हैं। पनवाड़ क्षेत्र के बागोद, बिशनखेड़ी, लायफल, बर्डग्वालिया, हरिगढ़, हीचर, भगवानपुरा सहित कई गांवों में इस समय रबी की फसलें लहलहा रही है।


रात के समय खेतों में किसान रखवाली करने के बाद जंगली जानवर घूस जाते हैं। झुण्ड में आते बागोद निवासी देवकरण नागर, रामराज नागर, बिशनखेड़ी निवासी श्रवण नागर, हरिगढ़ निवासी लोकेश नागर, भगवानपुरा निवासी भरतराज, गोपाल, भगवान, रूपेश शर्मा, सम्पतराज, हरिशंकर नागर सहित कई किसानो ने बताया कि रोजड़ा, नीय गाय, जरख व आवारा जानवर रात के समय झुण्ड में घुसकर खेतो में भाग-दौड़ करते हैं। इसके कारण आवारा जानवर किसानों के अरमानों को पैरों तले रोंद रहे हैं। इससे पौधों के टूटने से नुकसान हो रहा है। वहीं अन्य जानवर रात में फसलों को चटकर रहें हैं। किसानों द्वारा फसलों को जानवरों से बचाने के लिए सर्दी के मौसम में दिनरात एक कर रहे हैं।

आवारा गाेवंश भी मुसीबत क्षेत्र के किसानों ने बताया कि आवारा गोवंश भी किसानों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। खेतों में लहलहा रही फसलो को रोंद रहे हैं। आवारा जानवर झुण्ड में खेतों में घूस जाती हैं और फसलों को रोंद देती है। इसके कारण किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए झुग्गियां बनाकर खेतों में रहना पड़ रहा है। कई लोग गोवंश का दूध निकालने के बाद खुली छोड़ देते हैं। इससे अधिक परेशानी बनी हुई है।