झालावाड़.जिले में शिक्षा विभाग का पूरा अमला अब पूरी तरह से खाली हो गया है। जिले में जिला शिक्षा अधिकारी स्तर के एक दर्जन अधिकारियों के पद खाली है। वहीं एक सितंबर से सीडीईओ का पद भी खाली हो गया है। ऐसे में झालावाड़ जिला पूरी तरह उच्चशिक्षा अधिकारी विहीन जिला हो गया है। शिक्षा विभाग कार्यवाहकों के भरोसे से ही चल रहा है। ऐसे में अधिकारियों के नहीं होने से स्कूलों की समय पर मॉनिटरिंग नहीं हो रही है, तो राज्य सरकार की शिक्षा विभाग की फ्लेगशिप योजनाएं भी धरातल पर लागू नहीं हो पा रही है। अधिकारियों की कमी की वजह से औचक निरीक्षण भी नहीं हो रहे हैं, कई स्कूल तो निर्धारित समय से आधा घंटे तक देरी से खुल रहे हैं। जहां विद्यार्थियों को स्कूल खुलने का इंतजार करना पड़ रहा है। हाल में झालरापाटन ब्लॉक में ऐसा मामला सामने आ चुका है। वहीं अपडाउन करने वाले लेट पहुंच रहे व ट्रेन का समय होने पर जल्दी जा रहे हैं। लेकिन कोई अधिकारी निरीक्षण तक नहीं कर रहे है, और ना ही ऐसे लापरवाह संस्थाप्रधानों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। अगर यही हालात रहे तो जिले में सरकारी स्कूलों में बच्चों का परिणाम ओर बिगड़ जाएगा। सत्र चालू हुए दो माह हो गए है, लेकिन उच्चाधिकारियों की कमी की वजह से अभी तक पढ़ाई रफ्तार नहीं पकड़ पाई है। कई जगह बीएलओ शिक्षक लगे होने से उनकी अभी तक एक भी क्लास नहीं हो पाई है। शिक्षा अधिकारियों के खाली पदों की वजह से विद्यार्थियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
नहीं दिया किसी को कार्यभार-
मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी उत्तरा मेहरा ने स्वैच्छिक सेवानिवृति ले ली है, एक सितंबर को औपचारिक कागजी कार्रवाई होगी। लेकिन अभी किसी को कार्यभारी नहीं दिया गया है।
ये है नियम, इन्हे दे सकते है चार्ज- मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी(मूल पद उप निदेशकएवं समकक्ष) का पद सेवानिवृत होने से रिक्त होने की स्थिति में उक्त जिले में कार्यरत जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) माध्यमिक शिक्षा/प्रारंभिक शिक्षा,प्रधानाचार्य डाइट व एडीपीसी में से जो भी वरिष्ठतम अधिकारी स्वत: ही कार्यभार ग्रहण करेगें। ये आदेश राजस्थान सरकार के शासन सचिव शिक्षा ने जारी किए है।
शिक्षा विभाग सभी पद खाली,एक मात्र बचा सीडीईओ भी आज हो गया खाली पद
अधिकारी सीडीईओ एक सितंबर (आज ले ली स्वैच्छिक सेवानिवृति)
डीईओ माध्यमिक रिक्त
डीईओ प्राथमिक रिक्त
एडीपीसी रिक्त
डाइट प्रिन्सीपल रिक्त
आठों ब्लॉक के सीबीईओ रिक्त
व्याख्याता: 1346 में से 710 पद रिक्त
जिले में सबस बुरी स्थिति मनोहरथाना की-
जिले के मनोहरथाना ब्लॉक में तो हालात बहुत ही विकट है यहां 34 पीईईओ में से मात्र दो ही है, उनमें से भी एक चन्द्रशेखर लुहार के पास सीबीईओ का अतिरिक्त कार्यभार है। ऐसे में उन्हे स्कूल व कार्यालय दोनों संभालने में खासी परेशानी हो रही है। स्कूल का परिणाम बिगडऩे की चिंता इधर कार्यालय के काम की चिंता। खानपुर ब्लॉक में भी सीबीईओ का अतिरिक्त कार्यभार प्रधानाचार्य बालचन्द नागर के पास है।
स्थिति नाजुक है-
ये सही है कई जिलो के साथ झालावाड़ की स्थिति नाजुक हैं। लेकिन अभी कोर्ट में स्टे होने से हम कुछ नहीं कर पा रहे हैं, कोर्ट से सुनवाई होने के बाद ही डीपीसी की जाएगी। अभी नियमानुसार जो उन्हे काम करना है।
नवीन जैन, प्रमुख शासन सचिव शिक्षा विभाग, राजस्थान सरकार।