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महिलाएं सोशल मीडिया पर रील, फोटा-वीडियो डालने से बचे

झालावाड़.साइबर क्राइम आज के डिजिटल युग में एक गंभीर चुनौती बन गया है, विशेषकर महिलाओं व बच्चों के लिए। इंटरनेट और स्मार्टफोन के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधियों के लिए धोखाधड़ी, हैकिंग और ऑनलाइन शोषण जैसे अपराध करना आसान हो गया है। इनसे बचने के लिए महिलाओं, बालिकाओं व बच्चों को डिजिटल सुरक्षा और […]

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झालावाड़.साइबर क्राइम आज के डिजिटल युग में एक गंभीर चुनौती बन गया है, विशेषकर महिलाओं व बच्चों के लिए। इंटरनेट और स्मार्टफोन के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधियों के लिए धोखाधड़ी, हैकिंग और ऑनलाइन शोषण जैसे अपराध करना आसान हो गया है। इनसे बचने के लिए महिलाओं, बालिकाओं व बच्चों को डिजिटल सुरक्षा और साइबर एथिक्स के प्रति जागरूक करना आवश्यक है। यह बात पत्रिका रक्षा कवच अभियान के तहत पत्रिका की ओर से शुक्रवार को सामाजिक संगठन माहेश्वरी महिला मंडल को महाराणा पार्क में आयोजित बैठक में कही। इस मौके पर साइबर एक्सपर्ट कैलाश चन्द ने ठगी से बचने के उपाय बताए। महिलाओं को साइबर खतरों की पहचान,सुरक्षित इंटरनेट उपयोग,मजबूत पासवर्ड बनाने और साइबर अपराधों की रिपोर्टिंग के तरीकों की जानकारी दी। आजकल फर्जी तरीके से डिजिटली खाते खुलवाकर फर्जी तरीके से ऑनलाइन फ्रॉड किया जा रहा है। महिलाओं के फोटो के साथ छेड़छाड़कर फोटो में ऊपर का चेहरा बदल दिया जाता है, नीचे का हिस्सा किसी ओर का होता है इस तरह से भी ब्लैकमेल किया जा रहा है। ऐसे में महिलाओं को सोशल मीडिया पर अपने पर्सनल फोटो व वीडियो डालने से बचना चाहिए।

गिफ्ट वाउचर के नाम से मांगे पैसे-

इस मौके पर दिनेश लाहौटी ने कहा कि मेरे पास फोन आया कि आपका एक गिफ्ट वाउचर आया है, उसके ओटीपी बता तो नहीं तो वो वापस लौट जाएगा। मैने कहा कि उसे वापस भेज दो, आजकल इस तरह का फ्रॉड भी हो रहा है। वहीं बैठक में रेखा न्याती ने कहा कि अभी कुछ दिन पूर्व मेरे मोबाइल पर एक फोन आया कि आप के पति ने बोला है कि आप के खाते में 7 हजार रुपए डालने हैं, मैनें बोल दिया कि डाल दो उसने पैसे जमा करवाने का मैसेज भी भेज दिया। मैने भी देख लिया। फिर थोड़ी देर बाद ही फोन आया कि गलती से 7 की जगह 70 हजार डल गए। मेरे भाई का ऑपरेशन होना है, आप बाकी की राशि वापस मुझे भेज दो। आप भले ही ये लो डॉक्टर साहब से बात कर ली। मैंने उसे बोल दिया कि मुझे किसी डॉक्टर से बात नहीं करनी है, मैंने तुरंत फोन काट दिया।इस तरह के फोन भी आ रहे हैं। इस मौके पर हैड कांस्टेबल सुरेश चन्द ने कहा कि पत्रिका की यह पहल न केवल महिलाओं को सुरक्षित डिजिटल नागरिक बनने में मदद कर रही,बल्कि उन्हें साइबर अपराधों का शिकार होने से भी बचा रही है।आप सभी अपने परिवार में जो जानकारी यहां दी है उसे घर पर परिजनों को जरूर बताएं।

ये रहे मौजूद-

कार्यक्रम में माहेश्वरी महिला मंडल की अध्यक्ष आशा कासट, खुशबू माहेश्वरी, कृष्णा परतानी, रेखा न्याती, कुंजन लाहौटी, शशि, रेणु बाहेती, ममता गगरानी, अर्चना मुंदड़ा, शिखा लाहौटी, प्रमिला गगरानी आदि मौजूद रही।