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झांसी के कवि ने अटल जी पर लिखी थी ये कविता- …सारा राष्ट्र आज उन पर बलिहारी है

इन्होंने जनसंघ से लड़ा था चुनाव और अटल जी आए थे प्रचार करने

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a poem on atal bihari vajpayee

झांसी के कवि ने अटल जी पर लिखी थी ये कविता- ...सारा राष्ट्र आज उन पर बलिहारी है

झांसी। विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय उपाध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी के नगर अध्यक्ष रहे वयोवृद्ध भाजपा नेता और लोकतंत्र सेनानी त्रिभुवन नाथ त्रिवेदी द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी उपलब्धियों पर लिखी गई एक कविता काफी चर्चा में आई थी। गौरतलब है कि त्रिभुवन नाथ त्रिवेदी सन् 1974 में जनसंघ से झांसी सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ा था और अटल जी उनके लिए चुनावी सभा को संबोधित करने आए थे।

ये है उनका कहना

भारतीय जनता पार्टी के नेता और लोकतंत्र सेनानी त्रिभुवन नाथ त्रिवेदी का अटल बिहारी वाजपेयी से बड़ा ही करीबी नाता रहा है। वह बताते हैं कि उन्होंने 1974 में जनसंघ से झांसी सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ा था। इस चुनाव के दौरान बड़ाबाजार स्थित रामलीला मैदान में एक चुनावी सभा रखी गई थी। इस चुनावी सभा को संबोधित करने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी झांसी आए थे। रैली के बाद वह आर एस एस के नगर संघ चालक कल्याण दास के साथ सड़क पर उतर गए और रोड शो करते हुए उनके पक्ष में वोट मांगे। उसके बाद से उनसे संपर्क बना रहा।

ये है लोकतंत्र सेनानी द्वारा अटल बिहारी वाजपेयी पर लिखी गई कविता-

मां दुर्गे! त्रिभुवन करता गुहार आज,

फिर सिंहनी बन आतंकियों को दल दे।

ट्रेन को जलाने के हौसले जो रखे मन में,

उनके इरादों को मच्छर सा मसल दे।

भाइयों को गले मिलने में बाधक बने जो,

उनको हे भवानी मां विषम गरल दे।

दुश्मनों को मुंह तोड़ जवाब देने में,

निर्बल पैर वाले अटल जी के पैरों में बल दे।

थर्राता है जिसके नाम से नापाक पाक,

कारगिल युद्ध में, जो दिखाई सरदारी है।

पोखरण विस्फोट पर जिसने बढ़ाई शान,

सारा राष्ट्र आज उनपे बलिहारी है।

गौरवान्वित हिंदी हुई राष्ट्र संघ में जब,

हिंदी बोलकर जिसने चोट मारी करारी है।

भूमंडल पे छा रहा आज ध्रुवतारा बन,

प्रलंयकर शंकर सा अटल बिहारी है।