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असद की उधर खुद गई कब्र, लेकिन आज शव नहीं पहुंचेगा टाइम से, जानिए ऐसा पुलिस ने क्यों बनाया प्लान

असद के इस शव यात्रा में उसका पिता माफिया अतीक अहमद नहीं शामिल हो पाएगा ना ही कोई परिवार का सदस्य शामिल होगा, जानिए झांसी से शव टाइम से प्रयागराज क्यों नहीं पहुंचेगा...

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झांसी एनकाउंटर में मारे गए अतीक अहमद के बेटे असद और शूटर गुलाम की बॉडी को प्रयागराज में दफनाया जाएगा। असद की कसारी मसारी कब्रिस्तान में कब्र तैयार कर दी गई है। शव लेने कोई नहीं आया। सुरक्षा कारणों को देखते हुए पुलिस खुद असद और गुलाम का शव लेकर प्रयागराज आएगी। असद का शव नाना को सुपुर्द किया जाएगा। लेकिन झांसी में पोस्टमॉर्टम के बाद महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में इनकी बॉडी रखी गई है।

सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। झांसी के पत्रिका के साथी विकास ने जानकारी दी है कि पुलिस प्रशासन इस मामले में बहुत ही अधिक एहतियात बरत रही है। सुरक्षा में कोई चूक न हो इसलिए बहुत कुछ बोलने से भी बच रही है।

बताया जा रहा है कि सुरक्षा की वजह से पुलिस असद के शव को प्रयागराज देर में ले जा सकती है, इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है क‌ि आज शुक्रवार है। जुमे की नमाज के बाद लोग एक साथ इकट्ठा न हो इसलिए देर रात तक शव पुलिस ले जाएगी। पुलिस बिना किसी अवरोध के शांति माहौल में शव का अंतिम संस्कार कराना चाहती है।
उधर प्रयागराज के कसारी मसारी इलाके के कब्रिस्तान में माफिया अतीक अहमद के तीसरे नंबर की बेटे मोहम्मद असद को आज सुपुर्द ए खाद इसी कब्रिस्तान में किया जाएगा।

जिसकी तैयारी आज सुबह से ही प्रशासन द्वारा शुरू करा दी गई थी । कब्र को पूरी तरह से खोद कर तैयार कर लिया गया है अब असद का शव अतीक अहमद के चकिया स्थित जमींदोज मकान पर लाया जाएगा और वहां से सीधे कसारी मसारी कब्रिस्तान ले जाया जाएगा।

इस दौरान प्रशासन द्वारा भारी पुलिस बल लगाई जाएगी साथ ही पुलिस की निगरानी में शव को सुपुर्द ए खाद किया जाएगा। असद के इस शव यात्रा में उसका पिता माफिया अतीक अहमद नहीं शामिल हो पाएगा ना ही उसका चाचा खालिद अजीम उर्फ अशरफ जाएगा।
उसके दोनों बड़े भाई जो जेल में बंद है पहला मोहम्मद उमर लखनऊ की जेल में है तो दूसरा मोहम्मद अली नैनी जेल में बंद है । ऐसे में वे भी अंतिम बार अपने भाई का चेहरा नहीं देख पाएंगे।

तो कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि परिवार का कोई भी सदस्य नहीं शामिल हो पाएगा।। क्योंकि मोहम्मद असद की मां शाइस्ता परवीन भी उमेश पाल हत्याकांड में वांछित 50 हजार की इनामीया है और इस समय फरार चल रही हैं।