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कौन दिशा में लेके चला रे बटोहिया… लग्जरी गाड़ियों को छोड़ा, बैलगाड़ी पर निकली बारात

झांसी में बहुचर्चित गाना कौन दिशा में लेके चला रे बटोहिया… की एक बार फिर लोगों को याद आ गई। यहां लग्जरी गाड़ियां छोड़ बैलगाड़ी से दुल्हन को विदा कराया गया।

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Leaving the luxury car in Jhansi, the wedding procession reached by bullock cart

झांसी में लग्जरी गाड़ी छोड़, बैलगाड़ी से पहुंची बारात।

शादियों में शान-ओ-शौकत दिखाने के लिए लोग अक्सर अपनी हैसियत से ज्यादा पैसा खर्च कर देते हैं। कोई दुल्हन की विदाई लग्जरी कार से करता है, तो कोई हेलीकॉप्टर से। लेकिन झांसी में एक दुल्हन की विदाई चर्चा का विषय बन गई, जब दूल्हा दुल्हन को बैलगाड़ी पर विदा करके निकला।

बैलगाड़ी को देखकर दुल्हन और उसके परिजन हैरत में पड़ गए। विदाई के वक्त तो दुल्हन रो रही थी, लेकिन बैलगाड़ी पर सवार होते ही आगे चल रहे डीजे पर फिल्म नदिया के पार का गीत "कौन दिशा में लेके चला रे बटोहिया" बजते ही उसके चेहरे पर मुस्कान आ गई। इस विदाई का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

लहरगिर्द गांव की अनोखी शादी

महानगर के ग्राम लहरगिर्द निवासी हरिओम यादव के पुत्र रणवीर सिंह की शादी चिरगांव के ग्राम सिया निवासी चाहत से शिवपुरी रोड स्थित एक रिसोर्ट में हुई। रात में शादी की रस्मों के बाद आज सुबह विदाई हुई, तो दूल्हे का परिवार रंग-बिरंगे कपड़े और फूल मालाओं से सजी बैलगाड़ी लेकर पहुंचा। दूल्हे के चाचा बबीना ब्लॉक के पूर्व प्रमुख पंजाब सिंह यादव बैलगाड़ी के चालक बने। दूल्हा-दुल्हन को बैलगाड़ी पर सवार किया गया। आगे चल रहे डीजे पर नदिया के पार फिल्म के गीत बजने से माहौल बहुत ही खुशनुमा बन गया। लोगों को पुरानी परंपरा याद आ गई।

दूल्हे ने कहा, पर्यावरण और संस्कृति का मिलाप

दूल्हे रणवीर सिंह ने बताया कि यह अनोखी विदाई का आयोजन पर्यावरण और संस्कृति को बचाने के लिए किया गया। उन्होंने कहा कि बैलगाड़ी से विदाई करके हम लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना चाहते हैं। साथ ही, पुरानी परंपराओं को भी याद दिलाना चाहते हैं।

दुल्हन ने कहा, अनुभव अविस्मरणीय

दुल्हन चाहत ने कहा कि बैलगाड़ी पर विदाई का अनुभव अविस्मरणीय रहा। उन्होंने कहा कि पहले तो उन्हें थोड़ा अजीब लगा, लेकिन बाद में उन्हें यह बहुत अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि यह एक अनोखी पहल है और इससे पर्यावरण को बचाने में मदद मिलेगी।

लोगों ने की प्रशंसा

इस अनोखी विदाई को देखकर लोग भी दूल्हा-दुल्हन की प्रशंसा कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह एक सराहनीय पहल है और इससे लोगों को पर्यावरण और संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।