7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रक्षाबंधन के दिन भाई ने की बहन की हत्या, प्रेम-प्रसंग से था नाराज… दो दिन पहले की थी प्रेमी की हत्या

रक्षाबंधन के दिन एक भाई ने अपनी ही बहन की हत्या कर दी। बहन का प्रेम प्रसंग भाई को रास नहीं आ रहा था। बहन की हत्या के ठीक दो दिन पहले ही आरोपी भाई उसके प्रेमी की हत्या की थी।

3 min read
Google source verification

उत्तर प्रदेश के झांसी में रक्षाबंधन का पवित्र त्योहार एक दिल दहलाने वाली घटना का गवाह बन गया। 18 साल की पुच्चू और उसके प्रेमी विशाल अहिरवार (18) की उनके ही भाई अरविंद कुमार ने बेरहमी से हत्या कर दी। प्रेम प्रसंग और सामाजिक बदनामी के डर ने अरविंद को इतना उग्र कर दिया कि उसने पहले विशाल को नदी किनारे बुलाकर गला रेत दिया और फिर अपनी बहन को गंजा कर उसका गला दबाकर पहाड़ी पर फेंक दिया। यह सनसनीखेज ऑनर किलिंग का मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, जबकि पुलिस फरार अरविंद और उसके साथियों की तलाश में जुटी है।

झांसी के टहरौली थाना क्षेत्र के पथराई गांव का 18 वर्षीय विशाल अहिरवार और गरौठा थाना क्षेत्र के चंदपुरा गांव की 18 वर्षीय पुच्चू की कहानी डेढ़ साल पहले शुरू हुई। विशाल की रिश्तेदारी नुनार गांव में थी, जहां वह अक्सर अपने मामा के घर जाता था। पुच्चू की भी वहां रिश्तेदारी थी। दोनों की मुलाकात धीरे-धीरे दोस्ती में बदली, और फिर नंबरों के आदान-प्रदान के बाद यह दोस्ती प्यार में बदल गई। दोनों के बीच फोन पर बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ, जो जल्द ही गहरे प्रेम में तब्दील हो गया। लेकिन यह प्यार उनके परिवारों के लिए स्वीकार्य नहीं था।

विशाल के पिता हल्केराम अहिरवार ने बताया कि उन्हें बेटे के प्रेम प्रसंग की भनक तब लगी, जब जनवरी 2025 में विशाल और पुच्चू घर से भाग गए। पुच्चू के परिवार ने गरौठा थाने में शिकायत दर्ज की। तीन दिन बाद पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। थाने में दोनों परिवारों के बीच सुलह हो गई, और विशाल को उसके पिता हरियाणा ले गए ताकि वह पुच्चू से दूर रहे। लेकिन प्रेम की आग ठंडी नहीं हुई। पुच्चू लगातार विशाल से फोन पर बात करती रही, और दोनों का रिश्ता चुपके-चुपके चलता रहा। रक्षाबंधन के लिए विशाल का परिवार हरियाणा से 15 दिन पहले ही गांव लौटा था।

7 अगस्त को रची हत्या की साजिश

7 अगस्त, 2025 को पुच्चू का भाई अरविंद कुमार अपने साथी प्रकाश प्रजापति के साथ साजिश रच चुका था। प्रकाश, जो चंदपुरा गांव में विशाल के पड़ोस में रिश्तेदारी रखता था, विशाल को दिल्ली में नौकरी दिलाने के बहाने बाइक पर बैठाकर घर से ले गया। अरविंद गांव के बाहर इंतजार कर रहा था। उस रात विशाल ने अपने पिता को फोन पर बताया कि वह टहरौली में है और रात वहीं रुक जाएगा। लेकिन हकीकत में अरविंद और उसके साथियों ने लहचूरा थाना क्षेत्र के झारखंड इलाके में धसान नदी के किनारे विशाल की गला रेतकर हत्या कर दी। उसकी लाश को नदी किनारे फेंक दिया गया, जो 40 किलोमीटर दूर थी।

8 अगस्त को लहचूरा पुलिस को विशाल का शव मिला, लेकिन उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई। पुलिस ने शव की तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालीं, जो 9 अगस्त की शाम को हल्केराम के पास पहुंचीं। रात को परिजनों के साथ थाने पहुंचकर उन्होंने शव को अपने बेटे विशाल के रूप में पहचाना। शव पर गर्दन और शरीर पर गहरे चोटों के निशान थे, जो हत्या की क्रूरता को दर्शाते थे।

रक्षाबंधन के दिन की बहन की हत्या

रक्षाबंधन का दिन, जो भाई-बहन के प्यार का प्रतीक है, पुच्चू के लिए मौत का दिन बन गया। 9 अगस्त की शाम को अरविंद ने अपनी 18 वर्षीय बहन पुच्चू को घुमाने के बहाने घर से निकाला। गरौठा थाना क्षेत्र के एक सुनसान पहाड़ी इलाके में ले जाकर उसने पहले पुच्चू के सिर के बाल मुंडवाए और फिर उसका गला दबाकर हत्या कर दी। शव को घर से 50 मीटर दूर पहाड़ी पर फेंक दिया गया। 10 अगस्त की सुबह, जब गांववाले खादान की ओर गए, तो उन्हें पुच्चू की लाश मिली। उसके सिर पर बाल न होने और शरीर पर चोटों ने सभी को स्तब्ध कर दिया।

पुच्चू के पिता पप्पू अहिरवार ने बताया कि उनकी बेटी विशाल के साथ फिर से भागने की योजना बना रही थी, जिससे गुस्साए अरविंद ने उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद अरविंद फरार हो गया।

पुलिस कर रही मामले की जांच

झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि यह एक स्पष्ट ऑनर किलिंग का मामला है। प्राथमिक जांच में सामने आया कि पुच्चू का भाई अरविंद मुख्य आरोपी है, जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर दोनों हत्याएं कीं। पुलिस ने प्रकाश प्रजापति सहित तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है, और अरविंद की तलाश में तीन टीमें गठित की गई हैं। दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है, और फोरेंसिक जांच जारी है।