
causes of breast cancer: इस वजह से बढ़ रहा है महिलाओं में स्तन कैंसर का खतरा
झांसी। स्तन कैंसर एक आम समस्या है, जिससे पूरी दुनिया जूझ रही है। भारत में बदलती जीवनशैली के साथ-साथ स्तन कैंसर जैसी बीमारियां आम हो गयी हैं, जिसकी वजह से महिलाओं में इसका खतरा बढ़ता जा रहा है। हालांकि, थोड़ी सावधानी बरती जाए तो इससे बचा जा सकता है। इसके लिए लोगों में जागरूकता लाना बहुत जरूरी है।
हर दूसरे स्तन कैंसर रोगी की हो जाती है मौत
कैंसर रिसर्च की इंटरनेशनल रिसर्च एजेंसी ग्लोबेकेन में सामने आया है कि भारत में वर्ष 2012 में लगभग 1,44,937 स्तन कैंसर रोगी महिलाएं इलाज के लिए सामने आई। वहीं, उसी साल लगभग 70,218 स्तन कैंसर से पीड़ित महिलाओं ने दम तोड़ दिया। मोटे तौर पर इस रिपोर्ट में सामने आया कि देश में स्तन कैंसर से पीड़ित हर दूसरे रोगी की मृत्यु हो रही है। जो एक गंभीर समस्या हैं।
बढ़ रही है स्तन कैंसर से पीड़ित महिलाओं की संख्या
इसके अलावा विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा वर्ष 2014 में जारी कैंसर कंट्री प्रोफाइल रिपोर्ट के अनुसार भारतीय महिलाओं में कैंसर के कारण होने वाली कुल मौतों में सबसे ज्यादा लगभग 21 फीसदी मौतें स्तन कैंसर के कारण होती हैं, क्योंकि मुख्य रूप से प्रारंभिक पहचान और स्वास्थ्य सेवाओं में बाधाओं पर जागरूकता की कमी है। इसकी वजह से स्तन कैंसर से पीड़ित महिलाओं की संख्या बढ़ती जा रही हैं। भारत में महिलाएं आज भी अपने स्वास्थ्य को लेकर जागरूक नहीं हैं और यही कारण है कि इस बीमारी की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है।
सरकार चला रही है ये कार्यक्रम
भारत सरकार ने भी इस बीमारी के निवारण और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत नेशनल प्रोग्राम फॉर प्रिवेंशन कंट्रोल ऑफ कैंसर डायबिटीज़ कार्डियोवेस्कुलर, डिसिज एंड कंट्रोल कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत एएनएम एवं आशा अपने-अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर 30 वर्ष से अधिक महिलाओं के स्तन कैंसर की स्क्रीनिंग कर रही हैं, जिसमें अगर किसी महिला के स्तनों में किसी तरह का लक्षण दिखाई देने पर उन महिलाओं का एनसीडी सेल द्वारा शीघ्र उपचार किया जाएगा।
जांच कराने में न बरतें लापरवाही
जिला महिला अस्पताल की डा. वसुधा अग्रवाल, मुख्य चिकित्सा अधिक्षिका, ने बताया कि मेडिकल साइंस में स्तनों में होने वाले कैंसर का मुख्य कारण अभी तक पता नहीं चला है। उनका कहना है कि यह बीमारी कभी भी किसी को भी हो सकती है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि अगर किसी महिला के स्तनों में गांठ महसूस हो रही है तो शीघ्र जांच कराना चाहिए, जिससे यह पता चल सके कि यह गांठ कैंसर है या नहीं। ताकि महिला का प्रारम्भिक अवस्था में शीघ्र उपचार द्वारा ठीक किया जा सके। अगर वही महिला के स्तनों में गांठ होने की समस्या आखिरी अवस्था में पता चलती है तो उपचार करने में जटिलता भी हो सकती है।
स्तन कैंसर क्या है– स्तन कैंसर या ब्रेस्ट कैंसर का तात्पर्य स्तन की कोशिकाओं में होने वाली असामान्य व अनियंत्रित वृद्धि से है। यह स्तन के किसी भी हिस्से में हो सकता है। यह निप्पल में दूध ले जाने वाली नालियों (डक्ट्स), दूध उत्पन्न करने वाली छोटी कोशिकाओं और ग्रंथिहीन ऊतकों में भी हो सकती है।
स्तन कैंसर के क्या है लक्षण- ब्रेस्ट कैंसर के कुछ सामान्य लक्षण हैं जो कि इस रोग की संभावना को बताते हैं, परंतु यह रोग जिन महिलाओं में पाई गयी हैं, उनमें से एक बड़ी संख्या में कोई लक्षण विशेष तौर पर नहीं पाया गया था। इसीलिए नियमित रूप से क्लीनिकली जांच आवश्यक है। इसके अलावा स्तन कैंसर कुछ सामान्य लक्षण निम्न हैं-
· दोनों स्तनों के आकार में परिवर्तन, निप्पल के आकार में असहज परिवर्तन।
· निप्पल के पास किसी प्रकार का अन्य उभार।
· स्तन में या बगल की तरफ किसी भी प्रकार के गांठ का होना।
· स्तन में अधिक खुजली का होना।
· स्तन में दर्द, लालिमा या सूजन का होना।
संपूर्णा क्लीनिक” की डॉ॰ शैली साहू बताती है कि महिलाओं में स्तन कैंसर होने के कई कारण हो सकते हैं। जैसे- देर से शादी और लेट प्रेंग्नेंसी, कामकाजी महिलाएं जिन्होंने अपने बच्चों को स्तनपान नहीं कराया हो, फेमिली हिस्ट्री एवं जिन महिलाओं को जल्दी पीरियड्स शुरू हो जाता है और मेनोपोज(रजोनिवृत्ति) लेट होता है। उनको स्तन कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि महिलाओं को इस बीमारी से बचाव के लिए वजन कम करना चाहिए तथा आधा घंटा कम से कम व्यायाम करना चाहिए, ताकि इन बीमारियों से बचाव हो सके।
स्तन कैंसर से बचाव- छोटे बच्चे को महिलाओं द्वारा स्तनपान कराने से स्तन कैंसर होने का खतरा कम होता हैं।
· गुटका, तंबाकू और धूम्रपान ही नहीं बल्कि शराब भी स्तन कैंसर के खतरे को बढ़ाती है। इसलिए नशीली चीजों के सेवन से बचें।
· साबुत अनाज, फल-सब्जियां को अपने आहार में शामिल कर स्तन कैंसर से बचा जा सकता है।
· शरीर पर बढ़ती चर्बी स्तन कैंसर का कारण बने इस्ट्रोजन हॉरमोन को बढ़ाती है। इसलिए अपने शरीर में अतिरिक्त वजन को कम करें।
· प्रारम्भिक अवस्था में जांच कराने से इस बीमारी से बचा जा सकता है।
Published on:
31 Oct 2018 10:44 pm
बड़ी खबरें
View Allझांसी
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
