
1 बजकर 53 मिनट से शुरू हो जाएगा सूतक काल
ज्योतिषियों के अनुसार रक्षाबंधन पर्व पर चंद्रग्रहण का प्रभाव रहने के कारण राखी बांधने के लिए मुहूर्त का विशेष ध्यान रखना होगा। दिन में 11.30 से 1.52 बजे तक (2 घंटे 22 मिनट) के बीच राखी बांधी जा सकेगी। जानकारों के मुताबिक इस बार श्रावण पूर्णिमा पर रात 10.52 बजे श्रवण नक्षत्र मकर राशि पर खंड चंद्रग्रहण लग रहा है। यह मध्य रात्रि 12.48 बजे तक बना रहेगा। धर्मशास्त्रीय विधान के अनुसार चंद्रग्रहण से 9 घंटे और सूर्य ग्रहण में 12 घंटे पहले तक सूतक होता है। रक्षा बंधन के दिन 7 अगस्त को दोपहर 1.53 बजे से चंद्रग्रहण का सूतक काल आरंभ हो जाएगा।
भद्रा में रक्षा पर्व और फाल्गुनी दोनों ही वर्जित
भद्रा दिन में 11.30 बजे तक है। भद्रा व चंद्रग्रहण के सूतक से मुक्त अवधि सिर्फ सुबह 11.30 से दोपहर 1.52 बजे तक ही मिलेगी। ज्योतिषाचार्य के मुताबिक भद्रा में रक्षा पर्व और फाल्गुनी दोनों ही वर्जित हैं, क्योंकि भद्रा में श्रावणी मनाने से राजा का और फाल्गुनी पर प्रजा का अनिष्ट होता है। वहीं ग्रहण के सूतक काल में सिर्फ भगवान की आराधना ही की जाती है। इस बार श्रावण पूर्णिमा रक्षा बंधन 7 अगस्त को पड़ रहा है। पूर्णिमा की तिथि छह अगस्त की रात 9.56 बजे लग रही है। यह 7 अगस्त को रात 11.02 बजे तक रहेगी।
राशियों पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव
चंद्रग्रहण देखने पर मेष राशि वालों को क्षति, वृष राशि वालों को चिंता, मिथुन राशि वालों को सुख, कर्क राशि वालों को कष्ट, सिंह राशि रोग देह कष्ट, कन्या राशि वालों को अपयश, तुला वालों को सफलता, वृश्चिक वालों को लाभ, धनु वालों को हानि, मकर राशि वालों को पीड़ा आघात, कुंभ राशि वालों को व्यय व मीन राशि वालों को लाभ मिलने का योग है। मकर राशि वाले पुरुष और गर्भवती महिलाओं को ग्रहण न देखने की सलाह दी गई है।
Published on:
07 Aug 2017 08:15 am
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