
लखनऊ. आज रक्षाबंधन का पवित्र त्यौहार है। इस दिन बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र की दुआ करते हैं। बदले में भाई भी बहनों की आजीवन रक्षा करने का वचन देते हैं। इस बार रक्षाबंधन के दिन यानी आज चंद्रग्रहण और भद्रा नक्षत्र का योग है। पंडितों की मानें तो भद्रा योग और सूतक में राखी बांधना शुभ नहीं होता है। रक्षाबंधन के लिए बहनों और भाइयों को थोड़ा इंतजार करना चाहिए।
आचार्य रमापति शास्त्री के मुताबिक, 7 अगस्त को यानी रक्षाबंधन के दिन रात 10 बजकर 52 से चंद्र ग्रहण शुरू होगा जो 12 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। यह चंद्र ग्रहण पूर्ण नहीं, बल्कि खंड ग्रास होगा। शास्त्रों में माना जाता है कि ग्रहण के 9 घंटे पहले सूतक लग जाता है। यानी 1 बजकर 50 मिनट के बाद से सूतक लग जाएगा। इसका मतलब इस समय के बाद से राखी नहीं बांधी जा सकेगी। चूंकि इससे पहले सुबह 11 बजकर सात मिनट तक भद्रा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। इसलिए इस समय के बाद ही रक्षाबंधन का त्यौहार माना जाएगा।
रक्षा बंधन का सही समय
11 बजकर 7 मिनट से बांधी जा सकती है राखी
दोपहर 1 बजकर 50 मिनट के बाद नहीं बांधी जाएगी राखी
ग्रहण में क्यों नहीं होता कोई शुभ काम
सूर्य ग्रहण हो या चंद्र ग्रहण इसके सूतक काल में कोई शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। क्योंकि माना जाता है कि ग्रहण के वक्त वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। वैज्ञानिकों की मानें तो ग्रहण के दौरान अल्ट्रवायलेट किरणें निकलती हैं, जो व्यक्ति के एंजाइम सिस्टम को डिस्टर्ब कर देती हैं। इसलिए ग्रहण की अवधि को ऋणात्मक माना जाता है।
ग्रहण के दौरान क्या करें, क्या नहीं?
- ग्रहण काल में कैंची का प्रयोग न करें
- फूल न तोड़ें
- बालों और कपड़ों को साफ न करें
- दातुन या ब्रश न करें
- इस दौरान नींद भी नहीं लेनी चाहिए
- ग्रहण के दौरान कुछ भी खाएं-पिएं नहीं
- संभव हो तो ईश्वर का जाप करें
- मन में गलत विचार न लाएं
Updated on:
07 Aug 2017 07:46 am
Published on:
07 Aug 2017 07:40 am
