
झांसी जिला अस्पताल के डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव - फोटो : सोशल मीडिया
जिले में 27 अप्रैल 2020 को कोरोना ने दस्तक दी थी, जिसने कई लोगों की जान ले ली थी। कोरोना का कोहराम थमने के बाद जिंदगी पटरी पर आ ही रही थी कि कोरोना की चौथी लहर का आतंक शुरू हो गया। आज जिला अस्पताल के एक चिकित्सक ने गले में खराश होने के कारण जांच करायी तो उनका ऐण्टिजन टेस्ट किया गया, जिसमें रिपोर्ट पॉजिटिव पायी गयी। चिकित्सक एक दिन पहले अपने लड़के का खेल ट्रायल कराकर हैदराबाद से लौटा था। उन्हें एक सप्ताह के लिए घर में ही निगरानी में रखा गया है। उन्हें मिलाकर तीन साल में जिले में 45,571 लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। मण्डलीय प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पीके कटियार ने बताया कि चिकित्सक में मामूली संक्रमण है, फिर भी सैम्पल जांच के लिए लखनऊ भिजवाया जाएगा।
अस्पतालों में बढ़ा दी गई सतर्कता
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुधाकर पाण्डेय ने बताया कि इस मौसम में गले में खराश होना आम है। इसे कोरोना नहीं माना जा सकता। जिला अस्पताल में चिकित्सक के पॉजिटिव मिलने के बाद सभी अस्पतालों में सतर्कता बढ़ा दी गयी है। वहां कोरोना के संदिग्ध मरीजों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं तथा मेडिकल कॉलेज में 50 बेड का वार्ड भी आरक्षित कर दिया गया है।
यह रहा कोरोना का कहर
झांसी में 27 अप्रैल 2020 को कोरोना का पहला मरीज मिला था। ओरछा गेट की 59 वर्षीय महिला पॉजिटिव पायी गयी थी। 23 मई 2023 को एक पुरुष पॉजिटिव पाया गया था। यह कोरोना का अन्तिम केस था। अब तक 45,570 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। 677 लोगों को जान गंवानी पड़ी थी।
Published on:
27 Dec 2023 10:02 am
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