
झांसी विकास प्राधिकरण।
Jhansi News: महानगर के विकास को नया आकार देने के लिए तैयार की गई महानगर महायोजना 1 वर्ष में सिर्फ 2 कदम ही आगे बढ़ पाई है। इससे जेडीए की सीमा में शामिल 62 गांव में विकास कार्य ठप हो गए हैं तो यहां मानचित्र स्वीकृत नहीं होने से जेडीए को भी नुकसान हो रहा है। 3 माह से शासन में यह ड्राफ्ट अटका पड़ा है।
झांसी विकास प्राधिकरण ने बनाई थी योजना
महानगर के सुनियोजित विकास के लिए झांसी विकास प्राधिकरण द्वारा महायोजना बनाई गई है, जिसमें जेडीए नए अविकसित क्षेत्र में विकास का पूरा खाका खींचा गया है। जेडीए की सीमा में शामिल 62 गांवों की भूमि का लेखा-जोखा भी इसी महायोजना में तय किया गया है। 1 वर्ष हो गए, पर यह महायोजना अन्तिम पड़ाव पर नहीं पहुंच पा रही है। दरअसल, जेडीए को वर्ष 2021 में नई महायोजना लागू करनी थी, लेकिन 62 गांवों के विलय और सैटलाइट से सर्वे कराने आदि की प्रक्रिया पूरी करने में कुछ वक्त लग गया। सर्वे के बाद महायोजना का ड्राफ्ट तैयार किया गया। ठीक 1 वर्ष पहले 28 व 29 जुलाई को महायोजना पर आईं आपत्तियों की सुनवाई कर निस्तारण की प्रक्रिया की गई। इसके बाद महायोजना का प्रस्तावित मसौदा शासन को भेज दिया गया। माना जा रहा था कि नगर निगम चुनाव के बाद महानगर में नई महायोजना लागू कर दी जाएगी, लेकिन इस एक साल में सिर्फ ड्राफ्ट फाइनल आकार लेकर शासन को भेजा जा सका है। पिछले 3 माह से महायोजना को लेकर शासन स्तर पर बैठक नहीं हो पाई है, जिससे महायोजना लागू नहीं हो सकी। इस वजह से 62 गांव में मानचित्र स्वीकृत नहीं हो पा रहे हैं और यहां विकास कार्य ठहर गए हैं।
इन्वेस्टर समिट में आए प्रस्ताव भी जमीन पर नहीं उतर पा रहे
सम्पूर्ण ई पेपर पढ़ने के लिए यहां पर इन्वेस्टर समिट में झांसी विकास प्राधिकरण द्वारा लगभग 4 हजार करोड़ के एमओयू साइन किए थे। इसमें अनेक प्रोजेक्ट महानगर की सीमा से बाहर के हैं, लेकिन महायोजना लागू नहीं होने के कारण इनके ले-आउट पास नहीं हो पा रहे हैं, जिससे परियोजनाएं जमीन पर नहीं उतर पा रही हैं।
एनजीटी के आदेश में फंसे 5 हजार परिवार
महानगर के लिए बनाए गए मास्टर प्लान का सबसे अधिक इंतजार डडियापुरा, पिछोर, गुमनावारा क्षेत्र के 5 हजार परिवारों को है, जिनके मकानों पर ध्वस्तीकरण की तलवार लटकी है। दरअसल, यह मकान नगर पार्क के लिए प्रस्तावित जमीन पर बने हैं और एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) द्वारा इन्हें ध्वस्त करने के आदेश दिए गए हैं। जेडीए द्वारा लगातार कार्यवाही भी की जा रही है। पर, प्रस्तावित महायोजना लागू होने से इन भवन स्वामियों को राहत मिल सकती है। नई महायोजना ने इस क्षेत्र को नगर पार्क से बाहर कर दिया गया है। ऐसे में महायोजना लागू होते ही एनजीटी के आदेश से राहत मिल सकती है।
तैयार हो गया ड्राफ्ट
झांसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष आलोक यादव ने बताया है कि महानगर के सुनियोजित विकास को आकार देने के लिए महायोजना का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। इसे शासन को भेजा गया है। शासन स्तर पर जल्द बैठक कर इसे फाइनल रूप दिया जा सकता है। अगस्त माह के दूसरे पखवाड़े तक महायोजना के लागू होने की संभावना है।
Published on:
29 Jul 2023 08:10 am
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