18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जिन रिश्तों पर खिंच गई थी दीवार, अब आयुष्मान के लिए एक हो रहे परिवार

मुफ्त राशन ने जिन रिश्तों में खींच दी थी दीवार, आयुष्मान कार्ड के लिए एक हो रहे परिवार। पहले अधिक राशन के लिए बेटा-बहू ने कागजों पर परिवार से तोड़ लिया था नाता। आयुष्मान कार्ड के लिए 6 सदस्यों वाले राशन कार्ड को पात्रता दी गई तो एक ही राशन कार्ड में जुड़वाने लगे सभी नाम।

2 min read
Google source verification
a1

जिला पूर्ति कार्यालय पहुंच रहे लोग।

झांसी. सरकार की योजनाओं ने रिश्तों के बीच असमंजस का जहर घोल दिया है। विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने प्रति राशन कार्ड पर तेल, चना और नमक मुफ्त दिया तो घरों में दीवार खिंच गई। बेटा-बहू ने कागजों में माता-पिता से नाता तोड़कर अलग राशन कार्ड बनवा लिया, लेकिन अब आयुष्मान कार्ड के लिए 6 सदस्यों की बाध्यता ने बिखरे परिवारों को एक सूत्र में पिरोने का काम शुरू कर दिया है।


मां-बाप से अलग बनवा रहे थे राशन

मुफ्त राशन योजना में सरकार ने प्रति राशन कार्ड एक किलो चना, एक किलो नमक और एक किलो रिफाइंड ऑयल देने की घोषणा की थी। कुछ माह तो लाभार्थियों ने इसी अनुपात में राशन लिया, लेकिन इसके बाद योजना में सेंध लगाने का तरीका खोज लिया। राशनकार्ड के हिसाब से मिलने वाले खाद्यान्न को डबल करने के लिए बेटे ने मां-बाप के राशनकार्ड में दर्ज अपना, पत्नी और बच्चों के नाम कटवाने के लिए आवेदन कर दिया। उनका तर्क यह था कि उनके माता-पिता से उनकी बीवी के सम्बन्ध बिगड़ गए हैं और अब वह संयुक्त परिवार से अलग होकर दूसरे घर में रहने लगे हैं, लिहाजा उनका नाम मां के राशनकार्ड से अलग कर उनकी पत्नी के नाम से दूसरा राशनकार्ड जारी किया जाए। जांच-पड़ताल के बाद पूर्ति विभाग ने भी राशन कार्ड अलग कर दिए। अब सरकार ने भी ऐसा दांव चला कि परिवार में बिखराव बताकर लाभ लेने वाले अब आदर्श बेटा-बहू बनने की राह पर चल पड़े हैं।


राशन कार्ड में दर्ज होने चाहिए 6 सदस्य

दरअसल, केंद्र सरकार ने आयुष्मान योजना में पात्र गृहस्थी राशन कार्ड धारक ऐसे परिवारों को ही योजना के लिए पात्र माना है, जिनके एक राशन कार्ड में कम से कम परिवार के 6 या उससे अधिक सदस्य दर्ज हैं। ऐसे में अधिकांश लोग इस योजना का लाभ ले पाने से वंचित होते नजर आने लगे हैं। यहां राशनकार्ड धारकों ने फिर दिमाग के घोड़े दौड़ना शुरू कर दिए हैं। जो माता-पिता बेटा-बहू को कलयुगी बता रहे थे अब वही उसे आदर्श पुत्र और पुत्रवधू बताते नहीं थक रहे। जिलापूर्ति विभाग में प्रतिदिन ऐसे दर्जनों आवेदन आ रहे हैं कि जो यह कहकर अपना राशनकार्ड निरस्त कराकर अपने माता-पिता के साथ अपना नाम जुड़वा रहे हैं कि अब उनमें सुलह हो गई है। अब ऐसे में जिलापूर्ति विभाग के पास भी ऐसा कोई विकल्प नहीं है, जिससे ऐसा करने से इन्कार किया जा सके। इस पूरी जद्दोजहद के पीछे केवल उद्देश्य यह है कि एक राशनकार्ड में कुछ भी करके 6 या उससे अधिक सदस्य हो जाएं।


लोग मां-बाप के साथ जुड़वा रहे अपना नाम

जानकारी देते हुए जिला पूर्ति अधिकारी उमेशचंद्र बताते हैं कि आयुष्मान कार्ड के लिए वही राशन कार्ड धारक पात्र हैं, जिनके कार्ड में न्यूनतम 6 या उससे अधिक सदस्य हो । प्रतिदिन बड़ी संख्या में ऐसे आवेदन आ रहे हैं. जो अपने माता-पिता के राशन कार्ड में अपना व परिवार का नाम जुड़वाना चाहते हैं।