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3 दिन से जाग रही थी, फिर हॉस्पिटल की दूसरी मंजिल से कूदी, इस बीमारी का शिकार थी युवती

झांसी में डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल की दूसरी मंजिल से एक युवती ने छलांग लगा दी। इस घटना से पूरे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में उसका इलाज शुरू किया गया। मालूम हो कि 8 साल से वो मानसिक रूप से बीमार चल रही थी।

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घायल युवती का इलाज करते डॉक्टर।

यूपी के झांसी में मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी बिल्डिंग से युवती ने छलांग लगा दी। युवती के गिरने की जानकारी जैसे ही वहां मौजूद अन्य मरीजों को हुई तो वहां उसकी मदद के लिए चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में घायल युवती को इमरजेंसी में ले जाया गया, जहां उसकी स्थिति देखते हुए चिकित्सकों ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। फिलहाल युवती की हालत स्थिर बनी हुई है। जिला अस्पताल के कर्मियों ने बताया कि युवती को इमरजेंसी में ले जाया गया, जहां उसकी स्थिति देखते हुए चिकित्सकों ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। फिलहाल युवती की हालत स्थिर बनी हुई है।


मनोचिकित्सक को दिखाने लाया था भाई

जिला अस्पताल के कर्मियों ने बताया कि युवती दिमागी रूप से बीमार है और उसका भाई यहां मनोचिकित्सक को दिखाने लाया था। मेडिकल कॉलेज में बहन का उपचार करा रहे चिरगांव निवासी युवक ने बताया कि उसकी 21 वर्षीय इकलौती बहन 8 वर्ष से दिमागी बीमारी से जूझ रही है। उसका उपचार ग्वालियर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। भाई का कहना है कि इस बीमारी के चलते कई बार उसकी छोटी बहन आक्रामक हो जाती है।


तीन दिन से नहीं सोई थी

बताया कि पिछले तीन दिन से वह सोई नहीं है। इसके चलते उसका गुस्सा बढ़ता जा रहा था। मंगलवार की दोपहर लगभग 12 बजे वह अपनी बहन को लेकर चिरगांव से जिला अस्पताल पहुंचा था। यहां बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर उसने छोटे भाई के साथ बहन को मनोचिकित्सक की ओपीडी के बाहर खड़ा कर दिया और वह पर्चा बनवाने के लिए नीचे आ गया था। छोटे भाई की नजर जैसे ही बहन से हटी, वह भीड़ में से निकल कर बाहर की ओर जा पहुंची और यहीं से उसने छलांग लगा दी। इससे उसके हाथ और पांव में गंभीर चोट आ गई। यहां मौजूद अन्य मरीजों के तीमारदार और अस्पताल कर्मियों ने युवती को इमरजेंसी पहुंचाया, लेकिन युवती हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। जहां उसकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।