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चलने में थी लाचार तो घर वाले छोड़ गए साथ, ऑवर ब्रिज के नीचे बिताई रात, अब इनसे मिला सहारा

Jhansi News : झांसी के सीपरी ओवरब्रिज के नीचे रह रही 43 साल की पूनम अग्रवाल को अपने ने ठुकरा दिया था। उसे चलने में समस्या आने लगी थी। डबरा से आयी “अपना घर” संस्था की टीम आज पूनम को अपने साथ ले गयी।

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“अपना घर

Jhansi News : हर सूर्यास्त के बाद सूर्य उदय जरूर होता है। ऐसा ही एक मामला झांसी में देखने को मिला। सीपरी ओवरब्रिज के नीचे लावारिस हालत में जीवन गुजार रही पूनम अग्रवाल को स्थानीय प्रशासनिक सहायता भले ही न मिली हो, लेकिन “अपना घर” ने उसे अपना लिया है। डबरा से आयी “अपना घर” संस्था की टीम आज पूनम को अपने साथ ले गयी। लगभग 43 वर्षीय पूनम अग्रवाल को उसके परिवार वालों ने छोड़ दिया है। वह 2 साल से सीपरी ओवरब्रिज के नीचे रह रही है। वह चलने से लाचार है।


बहन ने हर अधिकारी की चौखट को खटखटाया

पूनम की बहन प्रीति ने सेवा भारती के कुमार वैभव तिवारी के साथ जिले के हर अधिकारी की चौखट खटखटाई, ताकि पूनम को रहने का सुरक्षित ठिकाना मिल सके, लेकिन हर ओर से निराशा हाथ लगी। इस मुद्दे को मीडिया ने उठाया था, जिसे संज्ञान में लेकर डबरा में संचालित “अपना घर" संस्था की टीम आज दोपहर झांसी आयी और एंबुलेंस से पूनम को अपने साथ ले गयी।


21 हजार की दी सहायता राशि

उसके साथ बहन प्रीति भी गयी है। सेवा भारती ने टीम को 21 हजार रुपये की सहायता राशि भी दी है, ताकि जरूरत पड़ने पर उसका इस्तेमाल किया जा सके। इसमें नरेन्द्र गुप्ता, केके गुप्ता, सीए वैभव अग्रवाल, मीनू मिश्रा एवं लक्ष्मी मिश्रा ने सहयोग किया। अपना घर टीम के सदस्यों ने बताया कि पूनम का डबरा में उपचार कराया जाएगा। अगर जरूरत पड़ी तो उसे भरतपुर में संचालित अपना घर की मुख्य शाखा में भेजा जाएगा।