
आग में जलकर राख हो गया घर, जल गईं 90 साल के बुजुर्ग की उम्मीदें, तभी थानेदार बने मसीहा
90 वर्षीय बोरेलाल अहिरवार और उनकी पत्नी, जीवन के संध्याकाल में अकेलेपन के अंधकार में जी रहे थे। बुधवार को, उनके ऊपर एक और मुसीबत का पहाड़ टूट पड़ा। उनके कच्चे मकान में अचानक आग लग गई और देखते ही देखते सब कुछ जलकर राख हो गया।
आग की लपटों ने उनके घर को ही नहीं, बल्कि उनकी सारी जिंदगी की यादों को भी निगल लिया। बेबस और लाचार, बुजुर्ग दंपति चिलचिलाती धूप में सड़क किनारे बैठे थे, न जाने कहां जाएं, क्या करें। तभी, उनकी नजरों में एक देवदूत दिखा। गरौठा थाना प्रभारी, वेद प्रकाश पांडेय, उनकी मदद के लिए मसीहा बनकर आए।
थानेदार ने तुरंत दंपति को थाने लाकर उन्हें भोजन और पानी दिया। उन्होंने बुजुर्गों के चेहरे पर उदासी के बदले थोड़ी मुस्कान लाने की कोशिश की।
यह जानते हुए कि दंपति के पास रहने के लिए कोई जगह नहीं है, थानेदार ने तत्काल उप जिलाधिकारी से संपर्क किया और उनके लिए सहायता का अनुरोध किया।
दंपति के पैरों में जूते न होने पर, थानेदार ने उन्हें नई चप्पलें भी पहनाईं।
इस नेक कार्य ने बुजुर्ग दंपति को इतना भावुक कर दिया कि उन्होंने थानेदार के पैरों पर अपना सिर रखकर आशीर्वाद दिया। उनकी आँखों से बहते आंसू, उनके दिल की कृतज्ञता बयां कर रहे थे।
Updated on:
29 May 2024 09:40 pm
Published on:
29 May 2024 09:39 pm
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