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झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर की रहस्यमयी मौत: सड़क पर खून से सनी अनीता चौधरी की लाश, लूट के बाद हत्या का आरोप

Jhansi News: झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर अनीता चौधरी की सड़क पर खून से लथपथ लाश मिलने से सनसनी फैल गई। परिजनों ने लूट के बाद हत्या का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस फिलहाल इसे हादसा मानकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

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झांसी

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Mohd Danish

Jan 05, 2026

jhansi first woman auto driver anita death

झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर की रहस्यमयी मौत | Image Video Grab

First woman auto driver death Jhansi:उत्तर प्रदेश के झांसी में जिले की पहली महिला ऑटो ड्राइवर अनीता चौधरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। 40 वर्षीय अनीता का शव स्टेशन रोड के पास सुकुवां-ढुकुवां कॉलोनी के नजदीक सड़क पर खून से लथपथ हालत में मिला। घटनास्थल पर उनका ऑटो पलटा हुआ था, जिसे देखकर पहली नजर में मामला सड़क हादसे का लग रहा था, लेकिन शव की हालत और परिजनों के आरोपों ने इस घटना को हत्या की आशंका में बदल दिया है।

परिजनों का आरोप: लूट के बाद रची गई हादसे की साजिश

परिवार का कहना है कि अनीता की हत्या लूटपाट के इरादे से की गई है और इसे एक्सीडेंट का रूप देने के लिए ऑटो पलटाया गया। परिजनों के मुताबिक अनीता के शरीर पर केवल सिर में गंभीर चोट थी, जबकि किसी सड़क हादसे में आमतौर पर शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोटें आती हैं। इसके अलावा उनका मंगलसूत्र, कान-नाक के गहने, पायल और मोबाइल फोन भी मौके से गायब मिले, जिससे लूट के बाद हत्या की आशंका और गहरी हो गई है।

रात 9:30 बजे घर से निकली, 1:30 बजे आई मौत की खबर

परिजनों ने बताया कि अनीता रोज की तरह रविवार रात करीब 9:30 बजे घर से ऑटो चलाने निकली थी। देर रात करीब 1:30 बजे परिवार को फोन कर सूचना दी गई कि वह सड़क पर लहूलुहान हालत में पड़ी है। जब परिवार मौके पर पहुंचा, तब तक अनीता की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने तत्काल शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर बनने तक का संघर्ष

नवाबाद थाना क्षेत्र के तालपुरा स्थित अंबेडकर नगर में रहने वाली अनीता चौधरी झांसी की पहली महिला ऑटो चालक के रूप में जानी जाती थी। अनीता ने करीब 15 साल तक नौकरी की थी, लेकिन वर्ष 2020 में सुपरवाइजर से हुए विवाद के बाद उसने नौकरी छोड़ दी। मैनेजर और अधिकारियों के कई फोन आने के बावजूद अनीता ने दोबारा नौकरी ज्वाइन नहीं की और अपने परिवार के लिए कोई दूसरा रास्ता तलाशने लगी।

आर्थिक तंगी ने दिखाया ऑटो चलाने का रास्ता

अनीता के पति द्वारका चौधरी बस स्टैंड के पास ठेला लगाते थे, जिससे परिवार का खर्च ठीक से नहीं चल पा रहा था। इसी बीच अनीता बच्चों को लेकर महाराष्ट्र गई, लेकिन लॉकडाउन की आशंका के चलते कुछ ही दिनों में वापस लौट आई। हालात और बिगड़ने पर अनीता ने फाइनेंस पर ऑटो लेकर खुद चलाने का फैसला किया, हालांकि परिवार के लोग इस फैसले के खिलाफ थे।

कठिनाइयों के बीच बनी हिम्मत की पहचान

शुरुआत में कोई बैंक लोन देने को तैयार नहीं हुआ। बाद में एक निजी बैंक ने लोन मंजूर किया। तमाम विरोध और अड़चनों के बावजूद 18 फरवरी 2021 को अनीता ने नया ऑटो खरीदा। ऑटो चलाना नहीं आता था, लेकिन पड़ोसी ऑटो चालक से सीखकर उसने खुद को इस काम के लिए तैयार किया और धीरे-धीरे झांसी की पहचान बन गई।

बहन का दावा: एक्सीडेंट नहीं, सोची-समझी हत्या

अनीता की बहन विनीता चौधरी का कहना है कि अगर यह सड़क हादसा होता तो शरीर पर कई जगह चोट होती। सिर्फ सिर में गंभीर चोट और गहनों-मोबाइल का गायब होना साफ तौर पर हत्या की ओर इशारा करता है। परिवार ने पुलिस से सीसीटीवी कैमरे खंगालने और निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके।

पुलिस का बयान: पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगा खुलासा

इस मामले में क्षेत्राधिकारी नगर लक्ष्मीकांत गौतम ने बताया कि फिलहाल घटना को एक्सीडेंट मानकर जांच की जा रही है। परिजनों के आरोपों को ध्यान में रखते हुए हर पहलू से छानबीन की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल अनीता चौधरी की मौत ने झांसी में कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।