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झांसी महोत्सव 2023: 21 दिसंबर से होगा सांस्कृतिक धारा का उत्कृष्ट समारोह, कानपुर की कंपनी को मिली जिम्मेदारी

झांसी महोत्सव, जो हर बार भारतीय सांस्कृतिक धारा को नए आयाम में ले जाता है, इस बार भी एक ऐसा आयोजन है जो सांस्कृतिक समृद्धि की ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है। यह महोत्सव न केवल रंग, संगीत, नृत्य और कला को एकत्र करता है, बल्कि इसमें भारतीय विरासत को साझा करने का एक शानदार मंच भी है।

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File photo of Jhansi Mahotsav.

झांसी महोत्सव की फाइल फोटो।

झांसी महोत्सव एक ऐसा इवेंट है जो भारतीय सांस्कृतिक विरासत को जगह-जगह बोए गए रंगों, संगीत, नृत्य, और कला के साथ मनाता है। इस साल, झांसी महोत्सव का आयोजन विकास प्राधिकरण द्वारा किया जा रहा है, जिसमें कई प्रमुख कंपनियां भाग लेने के लिए तैयार हैं। इसमें से एक कंपनी ने ठेके के लिए 2.60 करोड़ रुपये का आदान-प्रदान किया है, जिससे इस वर्ष का महोत्सव और मेला अत्यंत शानदार होने की उम्मीद है।

ठेकेदारी की प्रतिष्ठा
कानपुर की एक प्रमुख कंपनी ने पिछले साल के मुकाबले इस महोत्सव का ठेका हासिल करने में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने दैनिक जीवन के दौरान किए गए सार्वजनिक आयोजनों की उच्च गुणवत्ता के साथ अपनी पहचान बनाई है। ठेका लेने के बाद, उनकी कंपनी ने इस वर्ष का महोत्सव और मेला आयोजित करने का दायित्व संभाला है।


स्थानीय उद्यमिता का समर्थन

झांसी महोत्सव में कानपुर की कंपनी ने अपनी ठेकेदारी के माध्यम से स्थानीय उद्यमिता को भी समर्थन प्रदान किया है। इससे स्थानीय व्यापारियों और कला संस्कृति के प्रति उत्साह बढ़ा है, और उन्हें अपनी कला और शिल्प का प्रदर्शन करने का मौका मिला है।

कंपनी की मेहनत का परिणाम
कानपुर की कंपनी ने अपने पिछले चार वर्षों के मेहनत और परिश्रम के परिणाम स्वरूप सागू ड्रीमलैंड को पीछे छोड़ते हुए ठेका हासिल किया है।

मेला लगाने की तैयारी
झांसी विकास प्राधिकरण ने 21 दिसंबर से 38 दिनों के लिए क्राफ्ट मेला मैदान में झांसी महोत्सव और मेला का आयोजन किया है। इसमें कई कंपनियां भाग लेने के लिए रुचि दिखा रही हैं और ठेका लेने की स्पर्धा तेजी से बढ़ रही है।

नीलामी प्रक्रिया
नीलामी प्रक्रिया में कानपुर की कंपनी ने 6.51 लाख रुपये की बोली लगाई है, जिससे इसमें सबसे अच्छा प्रदर्शन किया गया है। उन्होंने राजस्थान की एक कंपनी को 5.71 लाख रुपये, लखनऊ की खुशबू कंपनी को 5.90 लाख रुपये, और कानपुर की ड्रीमलैंड को बोली लगाने में पीछे छोड़ा है। इसके अनुसार, उन्हें इस महोत्सव के लिए लगभग 2.60 करोड़ रुपये देने होंगे।

सचिव उपमा पाण्डेय ने बताया कि ठेका लेने वाली कंपनी से पूरा पैसा उसी दिन चुकाने थे, जिस दिन नीलामी हुई, लेकिन कंपनी ने कुछ भुगतान कर दिया है और बाकी धनराशि को सोमवार तक चुका देने का आश्वासन दिया है।