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Jhansi News : विकास के एक्सप्रेस वे पर बुंदेलखंड, यहां बन रहा डिफेंस कॉरिडोर

योगी सरकार ने बुंदेलखंड को दी पहले एक्सप्रेस-वे की सौगात। युद्धस्तर पर चल रही बुंदेलखंड के हर घर में नल से जल पहुंचाने की परियोजना।

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झांसी

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Patrika Desk

Mar 25, 2023

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फोटो सोशल मीडिया

यूपी सरकार ने अपना 6 साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है। इस दौरान बुंदेलखंड में कई विकास के काम किए गए हैं। झांसी, ललितपुर, जालौन, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर और महोबा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नियमित दौरे हुए। सभी जिलों को केंद्रित करते हुए विकास योजनाओं की सौगात से विकास के कई मानकों पर बड़े पैमाने पर बदलाव देखने को मिले हैं। बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे, डिफेन्स कॉरिडोर, हर घर नल से जल जैसी बड़ी परियोजनाओं के अलावा स्वास्थ्य, पर्यटन और कृषि सहित। अन्य क्षेत्रों में सरकार की परियोजनाओं ने यहां के आम लोगों पर ध्यान केंद्रित किया है।

एक्सप्रेस वे से लोगों को मिली सुविधा

पीएम मोदी ने 2022 में बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे का उद्घाटन किया। इसके बाद से लोगों का सफर आरामदायक और कम समय का हो गया। सीधे दिल्ली से जुड़े होने की वजह से व्यापार बढ़ गया। पिछले दिनों उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में झांसी लिंक एक्सप्रेस-वे और चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस-वे की नई परियोजनाओं के प्रारंभिक चरण के लिए 235 करोड़ रुपए की व्यवस्था प्रस्तावित की है।

दो जनपदों को मिला डिफेंस कॉरिडोर

बुंदेलखंड से पलायन रोकने के लिए यहां उद्योग के लिए काम किए गए। डिफेंस कॉरिडोर के दो महत्वपूर्ण नोड बुंदेलखंड में तैयार हो रहे हैं। झांसी और चित्रकूट में डिफेंस कॉरिडोर के लिए अधिग्रहित क्षेत्र में सुविधाओं के विस्तार का काम किया जा रहा है। झांसी के गरौठा तहसील में बन रहे डिफेंस कॉरिडोर के लिए भारत डायनामिक्स लिमिटेड की यूनिट की स्थापना के लिए पीएम मोदी शिलान्यास कर चुके हैं। इसके अलावा भी कई अन्य यूनिट की स्थापना को लेकर कंपनियों की ओर से निवेश के प्रस्ताव सरकार के सामने आये हैं।

लोगों के घर तक पहुंच रहा पानी

बुंदेलखंड के यूपी वाले हिस्से में 7 जनपद है। इनमें सबसे बड़ी समस्या पेयजल की थी। जल जीवन मिशन के तहत झांसी के 640 गांव, ललितपुर के 551, जालौन के 860, चित्रकूट के 450, हमीरपुर के 342, महोबा के 402 और बांदा के 634 गांव में हर घर नल से पानी पहुंचाने की योजना का काम अंतिम दौर में है और बहुत सारे गांव में पानी पहुंचाने का काम शुरू भी हो गया है। फरवरी में विश्व बैंक के कार्यकारी निदेशक और नीति आयोग के पूर्व मुख्य कार्यपालक अधिकारी परमेश्वरन अय्यर ने झांसी में जल जीवन मिशन का ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर जायजा लिया था और ग्रामीण महिलाओं से बातचीत की थी। उन्होंने इस योजना के कार्यान्वयन की तारीफ की थी।

रोजगार देने के हो रहे प्रयास

यहां की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी है। जिसे दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। बुंदेलखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश की पर्यटन नीति में बुंदेलखंड पर अलग से फोकस किया गया है। इस क्षेत्र के 31 छोटे-बड़े किलों को पीपीपी मॉडल पर पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित करने के लिए यूपी सरकार ने परियोजना को मंजूरी देकर इस पर काम शुरू कर दिया है। गौ आधारित प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बुंदेलखंड को चयनित किया है और सभी सातों जिलों के 47 विकास खण्डों में 470 समूह तैयार कर इस खेती पर काम शुरू किया जा रहा है। खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में बुंदेलखंड की स्थानीय उपज को ध्यान में रखते हुए हर जिले में बड़ी संख्या में प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना करने के साथ ही एफपीओ के माध्यम से भी कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है।