जांच के दौरान सामने आया कि झांसी के गुरसराय, गरौठा, टहरौली, पारीक्षा थर्मल प्लांट के आसपास का क्षेत्र के अलावा मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ के कुछ इलाके आदि में फ्लोराइड ज्यादा मिला है। साथ ही टीडीएस भी बढ़ा हुआ मिला पाया गया है। झांसी के कुछ इलाकों में तो औसत से छह गुना अधिक फ्लोराइड पाया गया है। जिले के कुछ इलाकों में टीडीएस 2000 पीपीएम से भी ज्यादा सामने आया है। इससे पथरी और यूटीआई इंफेक्शन होने की संभावना रहती है। वहीं, जहां फ्लोराइड ज्यादा होता है, वहां हड्डियां कमजोर होने, चेहरे पर झुर्रियां होने की संभावना रहती है।