
शादी के लिए तैयार होती काजल।

झांसी के आईटीआई के पीछे आदिवासी बस्ती है। वहां लोहा पीटा समाज रहता है।

लोहा पीटा समाज की बेटी काजल तिरपाल की झोपड़ी बनाकर रहती है।

उम्मीद की रोशनी नाम की संस्था ने उसकी धूमधाम से शादी कराई है। काजल के मां बाप ने जो सपने में नहीं सोचा था वह सच साबित हो गया।

गरीब बेटी की इतनी धूमधाम से शादी होने से पूरा समाज खुशी के मारे गदगद है।