
सिंचाई विभाग झांसी - फोटो : सोशल मीडिया
टाइपिंग टेस्ट में गड़बड़ी को लेकर सुर्खियों में रहने वाले सिंचाई विभाग ने इस बार गजब ही खेल कर दिया। विभाग ने बीमारी के कारण मेडिकल लीव पर चल रही महिला कर्मचारी को टाइपिंग टेस्ट में फेल दर्शा दिया। यही नहीं, टाइपिंग टेस्ट पास नहीं करने की सजा भी मुकर्रर कर दी गई इस महिला कर्मचारी को बाबू के पद से हटाकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बनाने का फरमान भी सुना दिया गया। सिंचाई विभाग में कर्मचारियों की सेवाओं से जुड़े मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
विभाग की कार्यशैली हुई कटघरे में खड़ी
टाइपिंग टेस्ट को लेकर उठा विवाद तो मुख्यालय तक पहुंच चुका है, जिसकी जांच चल रही है। और अब जो मामला उजागर हुआ है, उसने विभागीय कार्यशैली को ही कठघरे में खड़ा कर दिया है। दरअसल, सिंचाई विभाग में सहायक अभियन्ता के पद पर कार्यरत अजय वर्मा की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी मीनू वर्मा को मृतक आश्रित के रूप में नियुक्ति दी गई। उन्हें 1 फरवरी 2021 कनिष्क लिपिक के पद पर तैनाती दी गई। मृतक आश्रित को लेकर बनी नियमावली के अनुसार सीधे बाबू बनने वाले कर्मचारियों को 2 साल में टाइपिंग टेस्ट पास करना होता है। इसलिए मीनू वर्मा का भी टाइपिंग टेस्ट लिया गया। पहला टेस्ट 18 मई 2023 को हुआ, जिसमें मीनू फेल हो गईं। इसके बाद मुख्य अभियन्ता के आदेश पर दूसरा अवसर देते हुए 3 जून 2023 को टाइपिंग टेस्ट की तारीख तय कर दी गई, लेकिन इससे पहले ही 31 मई 2023 को मीनू वर्मा मेडिकल लीव पर चली गई। और कमाल यहीं हो गया। अधीक्षण अभियन्ता द्वारा टाइपिंग टेस्ट का रिजल्ट घोषित किया, जिसमें मीनू वर्मा को फेल करार दे दिया गया। अब सवाल यह उठता है कि जो महिला कर्मचारी 3 दिन पहले ही बीमार होने के कारण छुट्टी पर चली गई और टाइपिंग टेस्ट दिया ही नहीं, वह फेल कैसे हो गई? अधिकारियों की मनमानी यहीं नहीं रुकी, बल्कि दो बार टाइपिंग टेस्ट में फेल होने के कारण उन्हें बाबू पद से हटाते हुए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पद पर तैनात करने के आदेश दे दिए गए हैं।
मुश्किल से रिसीव हो पाया डिमोशन का पत्र
टाइपिंग टेस्ट में फेल होने के बाद बाबू पद से हटाकर चतुर्थ श्रेणी के पद पर भेजी गई मीनू वर्मा ने अधीक्षण अभियन्ता की चिट्ठी लेने से इन्कार कर दिया। अधिशासी अभियन्ता ने डाक से चिट्ठी भेजी और कार्यालय में उपस्थित होने को भी कहा, लेकिन उनके द्वारा डाक भी रिसीव नहीं की गई। विभाग ने काफी मुश्किल के बाद उन्हें चिट्ठी रिसीव कराई।
अधिशासी अभियन्ता की चिट्ठी ने कह दी कहानी
टाइपिंग टेस्ट में मीनू वर्मा के फेल होने के बाद अधिशासी अभियन्ता सिंचाई निर्माण खण्ड पंचम सिद्धार्थ सिंह ने अधीक्षण अभियन्ता को चिट्ठी लिखी। इसमें बताया गया कि मीनू वर्मा 31 मई से 20 जून तक के मेडिकल अवकाश पर चल रही हैं। इससे 3 जून को होने वाले मेडिकल टेस्ट में मीनू वर्मा के शामिल होने पर सवाल उठ गए हैं।
इन्होंने कहा
अधीक्षण अभियन्ता, सिंचाई, शीलचन्द उपाध्याय का कहना है कि मृतक आश्रित कोटे से नियुक्त महिला कनिष्क लिपिक को दो बार टाइपिंग टेस्ट का अवसर दिया गया, लेकिन वह टेस्ट पास नहीं कर सकीं। नियमावली के अनुसार अब उन्हें लिपिक पद से हटाते हुए चतुर्थ श्रेणी पद पर तैनात करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
वहीं, अधिशासी अभियन्ता, सिंचाई निर्माण खण्ड पंचम सिद्धार्थ सिंह का कहा है कि मृतक आश्रित कोटे से कनिष्क लिपिक पद पर तैनात मीनू वर्मा को टाइपिंग टेस्ट के दो अवसर दिए गए, लेकिन वह सफल नहीं हो पाईं। यह सही है कि वह 31 मई 2023 से मेडिकल लीव पर थीं, लेकिन इसकी सूचना डाक से प्राप्त हुई। उन्होंने टेस्ट दिया या नहीं, इसकी जांच कराई जा रही है।
Published on:
15 Dec 2023 08:50 am
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