
24 सिंतबर को रि-लॉन्च होगा निश्चय पोर्टल, टीबी मरीजों का मुफ्त होगा इलाज और 500 रुपये भी मिलेंगे
झांसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2025 तक देश से क्षय रोग (टीबी) को पूरी तरह से ख़त्म करने के संकल्प को साकार करने को लेकर निक्षय पोर्टल में खास बदलाव किया गया गया है। 24 सितम्बर को सुबह छह बजे से निक्षय पोर्टल-2 पूरे देश में लांच हो जाएगा। यह पूरी तरह से ऑटोमेटेड होगा। सिबिनाट मशीन की जांच रिपोर्ट सीधे पोर्टल पर पहुंच जाएगी। इस बीच निक्षय पोर्टल-1 को 19 सितम्बर दोपहर दो बजे से बंद कर दिया गया है। नए वर्जन में टीबी मरीजों को पोर्टल पर नोटिफाई करते ही उनका बैंक डिटेल भी अपडेट हो जाएगा और इलाज शुरू होने के साथ ही उन्हें पांच सौ रूपये मासिक की पौष्टिक आहार राशि भी मिलने लगेगी। इलाज के दौरान मरीज को पौष्टिक आहार राशि न मिलने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यह आमूलचूल परिवर्तन किया गया है। इसके अलावा भी कई अन्य परिवर्तन किये गए हैं ताकि समय से इलाज मुहैया कराकर इस बीमारी को जड़ से ख़त्म किया जा सकता है। जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि 27 मार्च 2016 को प्रधानमंत्री ने भारत में टीबी को हराने का मिशन शुरू किया था। उन्होंने 2025 तक टीबी की बीमारी को खत्म करने का लक्ष्य रखा है। इस पोर्टल की रि-लांचिंग इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
सरकारी व प्राइवेट डाक्टर अब एक ही जगह कर सकेंगे नोटिफाई : निक्षय पोर्टल-2 में ऐसी व्यवस्था की गयी है कि अब सरकारी और प्राइवेट डाक्टर के अलावा लैब व केमिस्ट भी एक ही जगह टीबी मरीज को नोटिफाई कर सकेंगे। अस्पतालों को भी मरीजों की फीडिंग की सुविधा मिल जाएगी। इसके अलावा एचआईवी मरीजों के विवरण सम्बन्धी पोर्टल 99डाट्स को भी इससे जोड़ा जा रहा है, ताकि टीबी और एचआईवी मरीजों की जानकारी एक ही जगह मिल सके। इससे यह आसानी होगी कि मरीजों की सही-सही संख्या के साथ ही उनके चल रहे इलाज की जानकारी भी आसानी से मिल जाएगी। पोर्टल पर मरीज के नोटिफाई होने और बैंक डिटेल डालने के साथ ही इसकी जानकारी पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) तक पहुंच जाएगी और मरीज के आधार से लिंक बैंक खाते में पौष्टिक आहार राशि पहुंचने लगेगी। पहले नोटिफिकेशन के बाद यह ब्लॉक को भेजा जाता था, जिससे विलम्ब होता था। यदि किसी मरीज का भुगतान पेंडिंग होगा तो वह भी बोर्ड पर प्रदर्शित करेगा। इसके अलावा अब औषधि प्रतिरोधी और औषधि संवेदनशील मरीजों की अलग से फाइल नहीं बनेगी, उनका विवरण भी पोर्टल पर एक ही जगह होगा।
टोल फ्री नंबर से पता चलेगा कि दवा ली या नहीं : अब यह व्यवस्था भी होने जा रही है कि दवा के पैकेट के साथ एक टोल फ्री नंबर होगा, जिस पर फोन करके बताना होगा कि मरीज ने दवा ले ली है। एचआईवी के मामले में यह व्यवस्था पहले से थी। आने वाले समय में पैकेट पर चिप की सुविधा भी कर दी जाएगी, जिससे पैकेट खोलते ही पता चल सकेगा की मरीज ने दवा ले ली है।
जारी होगी संख्यात्मक डिजिटल आईडी : निक्षय पोर्टल-2 में यह व्यवस्था की गयी है कि टीबी मरीज के नोटिफिकेशन के साथ ही उसे 6 से 7 अंकों की एक डिजिटल आईडी आवंटित कर दी जाएगी। इस आईडी के जरिये देश के किसी भी कोने में टीबी मरीज के बारे में सारी जानकारी ली जा सकती है। इससे पता चल सकेगा कि उसका क्या-क्या इलाज हुआ है और फालोअप की क्या स्थिति है? मरीज भी इसके जरिये कहीं भी इलाज की सुविधा प्राप्त कर सकेगा।
मोबाइल और लैपटॉप पर भी होगा ऑपरेट : निक्षय पोर्टल पहले केवल डेस्कटॉप पर ही ऑपरेट किया जा सकता था, किन्तु नए वर्जन में उसे मोबाइल और लैपटॉप पर भी ऑपरेट किया जा सकेगा। इससे यह फायदा होगा कि नोटिफिकेशन में होने वाला अनावश्यक विलम्ब ख़त्म हो जाएगा, क्योंकि अब कहीं भी बैठे-बैठे मरीज के नोटिफिकेशन के अलावा उसके इलाज की प्रगति के बारे में जाना जा सकेगा।
जानकारी परक सामग्री भी पढ़ने को मिलेगी : निक्षय पोर्टल-2 पर टीबी से सम्बंधित शोध, जरूरी जानकारियां और आंकड़े भी उपलब्ध होंगे, जिसे पढ़कर जानकारी को बढ़ाया जा सकता है। यह सामग्री इस दिशा में काम करने वालों के लिए बहुत ही उपयोगी साबित हो सकती है।
Published on:
22 Sept 2018 04:15 pm
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