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RTI के लिए अफसरों के नहीं लगाने होंगे चक्कर, पूरी कार्यवाही होगी ऑनलाइन

झांसी पहुंचे प्रदेश के राज्य सूचना आयुक्त नरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने RTI को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की। उन्होंने बताया कि जन सूचना के लिए अफसरों के नहीं लगाने होंगे चक्कर। राज्य सूचना आयोग की पूरी कार्यवाही होगी ऑनलाइन। राज्य सूचना आयुक्त ने कहा कि एनआइसी से तैयार किया सॉफ्टवेयर, डेमो में कुछ और सुधार के दिए सुझाव।

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Information Commissioner Narendra Kumar Srivastava reached Jhansi.

झांसी पहुंचे सूचना आयुक्त नरेंद्र कुमार श्रीवास्तव।

यूपी के झांसी में प्रदेश के राज्य सूचना आयुक्त नरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि सूचना आयोग की पूरी कार्यवाही ऑनलाइन करने की तैयारी पूरी हो गयी है। एनआईसी (नेशनल इंफॉर्मेशन सेंटर) ने इसके लिए सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया है। अगले कुछ माह में जन सूचना मांगने से लेकर सुनवाई तक सभी ऑनलाइन हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि सूचना फाइलों में जिस रूप में उपलब्ध है, उसी रूप में दी जानी चाहिए। सूचना को जनरेट नहीं किया जाना चाहिए।


अब ऑनलाइन भी मिलेगी सूचना

सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए राज्य सूचना आयुक्त ने कहा कि राज्य सूचना आयोग को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एनआईसी के साथ मिलकर सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है। इससे लोग ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन भी सूचना मांग सकते हैं। सूचना अधिकार के तहत ऑनलाइन आवेदन करने के साथ ही पूरी प्रक्रिया वर्चुअल शुरू हो जाएगी। प्रथम जनसूचना अधिकारी तथा अपीलीय अधिकारी निश्चित अवधि में ही ऑनलाइन ही जवाब देंगे। इससे लोगों को घर बैठे सूचना मिल जाएगी और लोग नयी तकनीक का लाभ भी ले सकेंगे।


30 दिन के अंदर दी जाती है सूचना

एक अन्य सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रथम जनसूचना अधिकारी को निश्चित अवधि 30 दिन में सूचना दे दी जानी चाहिए। यदि मामला राज्य सूचना आयोग तक पहुंचता है, तो सूचना देने के साथ ही संबंधित के खिलाफ कानून के तहत कार्यवाही भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि सूचना देने और सूचना पाने को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए कार्यशाला आयोजित की जा रही है। जनसूचना अधिकारी को सूचना उसी रूप में देनी चाहिए, जो फाइल में उपलब्ध है। सूचना को जेनरेट किए जाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सूचनाओं को अपनी दिलचस्पी के लिए कुछ लोग किसी अन्य व्यक्ति को लेकर सूचनाएं मांगते हैं, लेकिन यह थर्ड पार्टी की सूचनाएं तभी दी जानी चाहिए, जब यह सूचनाएं पब्लिक इंटरेस्ट में हों। उन्होंने कहा कि शासन के जनसूचना पोर्टल के बाद भी ‘सूचना का अधिकार' से सूचना लेने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

कमजोर वर्ग को मिल रहा अधिकार

आवेदनों का निस्तारण जिस अनुपात में हो रहा है, उससे अधिक नए आवेदन आ रहे हैं। सूचना के अधिकार का लाभ गरीबों व समाज के कमजोर वर्गों को मिल रहा है। राज्य सूचना आयोग भी शिकायतों के निस्तारण के लिए राज्य मुख्यालय के साथ मण्डल व जिला स्तर पर विशेष सुनवाई कर रहा है। बाद में राज्य सूचना आयुक्त ने झांसी दुर्ग का भ्रमण किया और ओरछा जाकर भगवान रामराजा सरकार के दर्शन किए।