
बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी
झांसी। बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी के प्रबंध तंत्र ने गर्ल्स हॉस्टल्स में रहने वाली स्टूडेंट्स की बेहतर केयरिंग और अभिभावकों को चिंतामुक्त करने के लिहाज से नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत अब गर्ल्स हॉस्टल्स में बायोमेट्रिक अटैंडेंस लगाई जाएगी। इससे यूनिवर्सिटी की छात्राएं अब हॉस्टल से गायब नहीं हो सकेंगी। उनकी प्रतिदिन बायोमेट्रिक अटैंडेंस लगेगी। यदि कोई छात्रा देर से हॉस्टल आई और वह बायोमैट्रिक अटैंडेंस लगवाने में आनाकानी करती है तो इसकी शिकायत एस एम एस के जरिये तत्काल उस स्टूडेंट्स के अभिभावकों के पास भेज दी जाएगी।
एक घटना के बाद लिया गया निर्णय
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने छात्राओं के हॉस्टल की अटैंडेंस अब बहुत ही जल्दी बायोमैट्रिक मशीन से कराने का फैसला किया है। इसके लिए सभी गर्ल्स हॉस्टल्स में बायोमैट्रिक अटैंडेंस मशीन लगाई जाएंगी। यूनिवर्सिटी प्रबंध तंत्र ने यह कदम ऐहतियातन उठाया है। दरअसल, कुछ दिन पहले विश्वविद्यालय हॉस्टल की एक छात्रा अचानक ही कहीं चली गई थी। जब वह छात्रा एक-दो दिन तक लौट कर नहीं आई, तो बाद में उसके माता-पिता को फोन कर सूचना दी गई थी। इसके बाद काफी बखेड़ा खड़ा हो गया था। अभिभावकों ने इसके लिए यूनिवर्सिटी प्रबंधन को ही जिम्मेदार ठहराया था। इसी घटना से सबक लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्राओं की उपस्थिति बायोमैट्रिक से दर्ज कराने का फैसला किया है। इसके अलावा छात्राओं के माता-पिता का नंबर सर्वर के जरिए मशीन से जोड़ा जाएगा। बायोमैट्रिक मशीन को सुबह हॉस्टल से निकलने और शाम को आने के समय कुछ देर के लिए खोला जाएगा। यदि निर्धारित समय में छात्रा हॉस्टल में कार्ड पंच नहीं करती है, तो इसका एसएमएस माता-पिता के मोबाइल नंबर पर चला जाएगा।
जल्द लग जाएंगी मशीनें
कुलसचिव प्रो. एसपी सिंह ने बताया कि जल्द ही चारों गर्ल्स हॉस्टलों में बायोमैट्रिक मशीन लग जाएंगी। इससे स्टूडेंट्स के गार्जियंस को उनकी अटैंडेंस के स्टेटस का पता चलता रहेगा।
Published on:
26 Sept 2017 01:30 pm
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