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लोकसभा चुनाव से पहले फिर बढ़ने लगे प्याज के दाम, टमाटर भी हो गया ‘लाल’

कभी भाजपा सरकार को खतरे में डालने वाली प्याज एक बार फिर रुलाने लगी है। एक सप्ताह में ही प्याज के दाम दोगुने हो गए हैं। लोकसभा चुनाव से पहले प्याज के बढ़ते दाम को लेकर सियासी चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। इस समय प्याज उधर, टमाटर भी "लाल" हो गया है। हरी सब्जियों के दाम भी बढ़ रहे हैं।

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प्याज और टमाटर हुए महंगे।

झांसी में लगातार प्याज की कीमतें बढ़ रही है।

प्याज के दाम में एकाएक उछाल आ गया हैं। पहले मंडी में प्याज के थोक दाम 80 से 125 रुपए पसेरी (5 किलो) चल रहे थे और फुटकर बाजार में प्याज 30 से 40 रुपए किलो बिक रही थी. लेकिन 5 दिन में ही दाम बढ़कर लगभग दोगुने हो गए हैं। थोक में प्याज 200 से 250 रुपए पसेरी बिक रही है और बाजार में इसके दाम 50 से 70 रुपए किलो तक चल रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि प्याज के दाम उसकी क्वालिटी पर निर्भर करते हैं। बड़े और छोटे साइज से इसकी कीमत तय होती ही है, इसके छिलके भी दाम तय करने में अपनी भूमिका निभाते हैं।

नासिक में कम हुई प्याज की पैदावार

सबसे अच्छी प्याज नासिक (महाराष्ट्र) से आती है तो मध्य प्रदेश के इंदौर, सागर, जबलपुर, शिवपुरी क्षेत्र से भी प्याज की आवक होती है। व्यापारियों का कहना है कि इस बार नासिक में प्याज की पैदावार कम हुई तो मध्य प्रदेश में बारिश अधिक होने से प्याज की फसल खराब हो गयी। आवक कम होने से दाम में बढ़ोतरी हो गयी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि एक सप्ताह के अन्दर नई फसल बाजार में आ जाएगी तो दाम कम हो जाएंगे।


प्रतिदिन 100 कुंतल प्याज की खपत

मण्डी परिषद के अधिकारियों का कहना है कि झांसी में रोज लगभग 100 कुंतल प्याज की खपत है। कुछ दिनों से प्याज की आवक कम हो गयी है, जिससे दाम बढ़ गए हैं। हालांकि बिना छिलके वाली प्याज कम दाम पर भी बिक रही है, लेकिन उसकी क्वालिटी ठीक नहीं है। जल्द नई प्याज आने पर दाम में गिरावट होने की संभावना है।