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खुलेआम बिक रही है रानी लक्ष्मी बाई पर लिखी गई विवादित किताब

झांसी की रानी लक्ष्मी बाई के जीवन पर लिखी गई विवादित पुस्तक खुलेआम बिक रही है ।

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झांसी. रानी पद्मावती के जीवन पर बनी विवादित फिल्म को लेकर उसके रिलीज होने से पहले ही पूरे देश में हंगामा बरपा हुआ है लेकिन दूसरी ओर झांसी की रानी लक्ष्मी बाई के जीवन पर लिखी गई विवादित पुस्तक खुलेआम बिक रही है, जिस पर न तो सरकार की नजर है न ही महिलाओं के मान सम्मान की लड़ाई लड़ने वाले संगठनों की। अमेजन सहित अन्य ऑनलाइन साइट्स पर रानी लक्ष्मी बाई के जीवन पर लिखी गई विवादित किताब 'रानी' बिक्री के लिए उपलब्ध है। इंग्लैण्ड में रह रही भारतीय मूल की लेखिका जयश्री मिश्रा ने यह किताब लिखी है जिस पर साल 2008 में उत्तर प्रदेश में बिक्री पर तत्कालीन मायावती सरकार ने रोक लगा दी थी।

2008 में यूपी में प्रतिबंधित हुई थी किताब

रानी लक्ष्मी बाई पर वैसे तो कई किताबें लिखी गई गयीं जिनमें तथ्यों को जोड़ने-घटाने जैसे आरोप लगे लेकिन जयश्री की किताब के सामने आने के बाद झांसी में बड़ा आंदोलन हुआ था। वर्ष 2008 में शुरू हुए आंदोलन और विधान सभा में सवाल उठने के बाद सरकार ने इस किताब पर रोक लगा दी थी। उस समय यह विवाद शांत हो गया था लेकिन अब यह किताब एक बार फिर ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स पर बिक रही हैं।

रानी के प्रेम सम्बन्ध का दावा

किताब की लेखिका जयश्री मिश्रा ने पुस्तक में कई आपत्तिजनक तथ्य लिखे हैं। इस किताब में लेखिका ने दावा किया है कि रानी लक्ष्मी बाई के अंग्रेजों के पॉलिटिकल एजेंट राबर्ट एलिस से प्रेम सम्बन्ध थे। इस प्रेम प्रसंग को लेकर कई घटनक्रम इस किताब में दावे के साथ लिखा गया है जबकि इतिहास के जानकर इन तथ्यों का खंडन करते हुए इसे रानी के चरित्र हनन वाला किताब बताते रहे हैं। इस पूरे मामले में लोग सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े करते रहे हैं।

सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने उठेगा मसला

वर्ष 2008 में इस विषय पर आंदोलन शुरू करने वाले झांसी के अधिवक्ता और वर्तमान में देहरादून में लॉ के प्रोफेसर डॉक्टर अनिल दीक्षित इस पूरे प्रकरण पर गुस्सा जाहिर करते हुए चिंताजनक बताते हैं। दीक्षित कहते हैं कि यह पुस्तक रानी का चरित्रहनन करने के मकसद से लिखी गई थी जिसपर उस समय रोक लगा दिया गया था। अब सरकार को इस पर ध्यान देकर इस किताब पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा देना चाहिए। अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के उपाध्यक्ष और प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री हरगोविंद कुशवाहा कहते हैं कि वे इस विषय पर प्रदेश के संस्कृति मंत्री कर मुख्यमंत्री से बात करेंगे। वे मांग रखेंगे कि पुस्तक की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाईं जाए और ऐसा कर रहे लोगों पर कार्रवाई की जाये।