
चिता की इस तस्वीर को सोशल मीडिया से लिया गया है।
हालात ने इस कदर मजबूर किया कि जवान बेटे के शव को ले जाने की बात तो छोड़ो, उसके अन्तिम संस्कार से भी माता-पिता ने इनकार कर दिया। बेटे की मौत की खबर पाते ही मां फफक पड़ी। जब उसको शव को ले जाने की बात कही तो मां-बाप दोनों ने कहा कि उनके पास इतने पैसे नहीं है कि वह ट्रेन का टिकट खरीदकर आ सकें और शव को ले जा सके। ऐसे में रामराजा स्वयंसेवी संस्था ने अंतिम संस्कार का बीड़ा उठाया और आज 72 घंटे गुजर जाने के बाद शव का अन्तिम संस्कार कर दिया। रायगढ़ (छत्तीसगढ़) निवासी तुकेश्वरदास (26) किसी ट्रेन में सवार होकर झांसी आ गया था।
जीआरपी ने शव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचाया था
वह बीमार था, जिसके चलते उसकी रेलवे स्टेशन के पास मृत्यु हो गयी थी। जीआरपी ने शव को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा दिया था। मृतक के पास से कुछ कागज मिले थे, जिसके आधार पुलिस ने मृतक के परिजनों से सम्पर्क साधा और उसकी जानकारी दी। शव की शिनाख्त हो जाने के बाद पुलिस शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखने के बाद चली गई। इधर, पोस्टमार्टम हाउस में उसके परिजन नहीं आए, जिस पर रामराजा स्वयंसेवी संस्था के अध्यक्ष श्याम सुन्दर शर्मा ने उनके परिजनों से मोबाइल फोन पर बात की।
ट्रेन का टिकट लेने के नहीं है पैसे
मृतक की मां शकुन्तला व पिता उरऊदास महंत ने बताया कि उनका एक और पुत्र भी बीमार है। उनके पास इतने भी पैसे नहीं है कि वह ट्रेन का टिकट लेकर झांसी आ सके। शव को ले जाना तो उनके लिए सम्भव ही नहीं है। साथ ही अंतिम संस्कार कर देने की बात कहीं, जिस पर संस्था के अध्यक्ष सहयोगियों के साथ शव को लेकर मुक्तिधाम पहुंचे और अन्तिम संस्कार कर दिया।
Published on:
11 Oct 2023 03:16 pm
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