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एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में दोगुने हुए स्नातक सहित पीएचडी कोर्स, बढ़ गई डिग्री कॉलेजों की संख्या

झांसी में स्थित केंद्रीय एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में कई कोर्सों की सीटें दो गुनी कर दी गई है। स्नातक कोर्स 3 से हुए 6, स्नातकोतर 11 से 18 व डॉक्टरल कोर्स 3 से चढ़कर हुए 9 कोर्स बढ़ने के साथ ही दोगुनी हो गई विद्यार्थियों की संख्या, नए कॉलेज के चलते बढ़े कोर्स।

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झांसी एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी।

रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय और उससे सम्बद्ध कॉलेज में स्नातक, परास्नातक और पीएचडी के डिग्री कोर्स में दो गुना की बढ़ोतरी हुई है। बीते दिनों कृषि विश्वविद्यालय से सम्बद्ध कॉलेज की स्थापना के चलते कैम्पस में भी कोर्स बढ़ाए गए हैं। अभी तक विश्वविद्यालय में कुल 17 कोर्स संचालित हो रहे थे, और अब यह बढ़कर 34 तक पहुंच गए हैं। इनमें मत्स्य विज्ञान, एम. टेक ऐग्रिकल्चर, चरागाह व शोध स्तर के कोर्स शामिल हुए हैं।


यूनिवर्सिटी ने लिखी सफलता की कहानी

वर्ष 2014 से शुरू हुए केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय ने लगातार सफलता की कहानी लिखी है। कृषि क्षेत्र में किए गए नवाचार हों या किसानों को आधुनिक खेती के गुर सिखाना, सभी क्षेत्रों में कृषि विश्वविद्यालय ने शिक्षा के साथ कृषि को तकनीकी सहायता प्रदान की है। अब इससे और आगे बढ़ते हुए केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अशोक कुमार के नेतृत्व व शिक्षा निदेशक प्रो. अनिल कुमार के प्रयास से विश्वविद्यालय ने एक और मुकाम हासिल किया है।


कई राज्यों से 180 स्टूडेंट ले रहे एजुकेशन

अभी तक यहां कोर्स की स्नातक, परास्नातक और पीएचडी डिग्री के पाठ्यक्रम की संख्या कुल 17 थे, जिनमें विभिन्न राज्य के कुल 180 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे थे। लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 300 छात्र तक पहुंच गई है। इसका मुख्य कारण 5 अक्टूबर से दतिया में शुरू हुए कृषि व मत्स्कीय महाविद्यालय रहा।