
मोदी ने ऑनलाइन आरएलबी विवि के भवन का किया लोकार्पण, कहा- कृषि में आत्मनिर्भरता लक्ष्य
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
झांसी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी के शैक्षणिक और प्रशासनिक भवन का ऑनलाइन लोकार्पण किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा, अब हमारी सरकार का प्रयास कृषि में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य के साथ किसानों को एक उत्पादक के साथ ही उद्यमी बनाने का है। झांसी भारत को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा, ग्रामीण इलाकों के माध्यमिक विद्यालयों में कृषि को एक विषय के रूप में पढ़ाया जाए।
प्रधानमंत्री ने कहा, कृषि में आत्मनिर्भरता बढ़ाने का मतलब है देश के किसान उद्यमी बनें। किसान ऑर्गेनिक खेती से जुड़े। ऑर्गेनिक प्रोडक्ट को ग्लोबल स्तर के लिए तैयार करें। किसानों को आधुनिक तकनीक की सुविधा मिलेगी जो कृषि से जुड़ी चुनौतियों से निपटने में मदद करेगी। पीएम मोदी ने कहा कि विद्यालयों में कृषि संबंधित पाठ्यक्रम और उसके व्यवहारिक क्रियान्वयन को अब लागू करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा सरकार का प्रयास है कि गांवों के माध्यमिक विद्यालयों में कृषि को एक विषय के रूप में पढ़ाया जाए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, कभी रानी लक्ष्मीबाई ने बुंदेलखंड की धरती पर गर्जना की थी- मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी। आज एक नई गर्जना की आवश्यकता है, मेरी झांसी-मेरा बुंदेलखंड। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान को सफल बनाने के लिए अब झांसी का यह कृषि विश्वविद्यालय पूरी ताकत लगा देगा, एक नया अध्याय लिखेगा। उन्होंने कहा कि कृषि में स्टार्ट अप के नये-नये रास्ते खुल रहे हैं। अब तो बीज से लेकर बाजार भी तकनीक पर आधारित हैं। कृषि क्षेत्र में भी अब तकनीक के प्रयोग से फसल में इजाफा होने से किसान भी पहले से बेहतर की स्थिति में हैं।
कृषि में आत्मनिर्भरता, सिर्फ खाद्यान्न तक ही सीमित नहीं
प्रधानमंत्री ने कहा जब किसान और खेती, उद्योग के रूप में आगे बढ़ेगी तो बड़े स्तर पर गांव में और गांव के पास ही रोजगार और स्वरोजगार के अवसर तैयार होने वाले हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि से जुड़ी शिक्षा को, उसकी प्रेक्टिकल एप्लीकेशन को स्कूल स्तर पर ले जाना भी आवश्यक है। हमारी सरकार का प्रयास है कि गांव के स्तर पर मिडिल स्कूल लेवल पर ही कृषि के विषय को लागू किया जाए। इससे दो लाभ होंगे। एक लाभ तो ये होगा कि गांव के बच्चों में खेती से जुड़ी जो एक स्वभाविक समझ होती है, उसका विस्तार होगा। दूसरा लाभ यह होगा कि वो खेती और इससे जुड़ी तकनीक, व्यापार-कारोबार के बारे में अपने परिवार को ज्यादा जानकारी दे पाएगा।
देश में तीन केंद्रीय एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटीज
पीएम ने कहा छह वर्ष पहले जहां देश में सिर्फ एक केंद्रीय कृषि विश्विद्यालय था, आज तीन केंद्रीय एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटीज देश में काम कर रही हैं। इसके अलावा तीन और राष्ट्रीय संस्थान आइएआरए झारखंड, आइएआरए असम तथा बिहार के मोतिहारी में महात्मा गांधी इंट्रीग्रेटेड फार्मिंग की स्थापना की जा रही है।
चारों दिशाओं में गूंजेगा 'जय जवान, जय किसान और जय विज्ञान'
प्रधानमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे हो या फिर डिफेंस कॉरीडोर, हजारों करोड़ रुपए के यह प्रोजेक्ट यहां रोजगार के हजारों अवसर बनाने का काम करेंगे। वो दिन दूर नहीं जब वीरों की ये भूमि, झांसी और इसके आसपास का यह क्षेत्र देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक बड़ा सेंटर बनेगा। एक तरह से बुंलेदखंड में 'जय जवान, जय किसान और जय विज्ञान' का मंत्र चारों दिशाओं में गूंजेगा।
Published on:
29 Aug 2020 05:02 pm
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