19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Shri Krishna Janmashtami 2018:हरे रामा हरे कृष्णा संकीर्तन यात्रा से यहां सबसे पहले शुरू हुई धूम

Shri Krishna Janmashtami 2018:हरे रामा हरे कृष्णा संकीर्तन यात्रा से यहां सबसे पहले शुरू हुई धूम

2 min read
Google source verification
Shri Krishna Janmashtami 2018: program starts in iscon temple jhansi

Shri Krishna Janmashtami 2018:हरे रामा हरे कृष्णा संकीर्तन यात्रा से यहां सबसे पहले शुरू हुई धूम

झांसी। Shri Krishna Janmashtami 2018 के कार्यक्रमों की नगर में सबसे पहले धूम शुरू हुई। इसके अंतर्गत अन्तर्राष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ इस्कॉन (ISCON) के तत्वावधान में सोमवार को नगर में हरिनाम संकीर्तन यात्रा निकाली गयी। इससे पूरा शहर हरे रामा - हरे कृष्णा की संगीतमय धुनों से गुंजायमान हो उठा। युवा भक्तों की टोली इस संकीर्तन यात्रा के दौरान भक्ति रस में सराबोर होकर थिरकती नजर आईं। इस दौरान भजनों की प्रस्तुतियों को सभी ने सराहा। इसके साथ ही इस्कॉन मंदिर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी के कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू हो गयी है। देर शाम इस्कॉन मंदिर में भगवान श्री कृष्ण की विभिन्न लीलाओं का वर्णन किया गया। इस दौरान बताया गया कि मंदिर में अनवरत रूप से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी तक धार्मिक आयोजनों का सिलसिला चलता रहेगा।

रथ पर सवार होकर निकले श्रीकृष्ण और राधारानी

नगर में इस्कॉन मंदिर झांसी के अध्यक्ष बृजभूमि दास महाराज के नेतृत्व में हरिनाम संकीर्तन यात्रा निकाली गयी। इसमें बग्गी रथ पर सवार भगवान श्रीकृष्ण-राधारानी जी की झांकी लोगों का मनमोह रही थी। वहीं हरे कृष्णा -हरे रामा की संगीतमय धुनों ने भक्तों को भावविभोर कर दिया। भजनों पर युवा भक्त थिरकने लगे, वह दृश्य अपने आप में देखते ही बन रहा था। यात्रा इस्कॉन मंदिर से शुरू होकर सुभाष गंज, बडाबाजार, गंधीगर का टपरा, सर्राफा बाजार, मानिक चौक एवं सिटी चर्च से मंदिर वापसी पहुंची। इसके उपरांत यह यात्रा मंदिर में पहुंचने के बाद श्रीकृष्ण कथा में परिवर्तित हो गयी। कथा में भगवान की विभिन्न लीलाओं का वर्णन किया गया। इस मौके पर भगवान श्री राधाकृष्ण जी का विशेष श्रृंगार किया गया। इसके बाद सभी भक्तों द्वारा आरती की गयी।

ये लोग रहे उपस्थित

इस दौरान गंगाराम शिवहरे, अशोक सेठ, राजीव अग्रवाल, महेश सर्राफ, करूणा निधि दास, अभ्यचरण दास, मनीष नीखरा, अन्योर दास आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन भूपेन्द्र रायकवार ने किया। बाद में सभी के प्रति आभार पीयूष रावत ने व्यक्त किया।