गरौठा विधानसभा सीट के समीकरण सन् 1996 के चुनाव के बाद से बदलने लगे। तब से जूदेव की गाड़ी पटरी से उतरी, तो फिर से ट्रैक पर न आ सकी। सन् 1996, 2002, 2007 और फिर 2012 के चुनाव में तो वह पिछड़ते चले गए। इन चुनावों में लगातार गिरते ग्राफ के कारण उनके राजनीतिक भविष्य पर अटकलबाजी का दौर शुरू हो गया है।