दरअसल झांसी में क्रांतिकारियों की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले मास्टर रूद्र नारायण के घर पर चंद्रशेखर आज़ाद लम्बे समय तक गुप्त प्रवास के दौरान रहे थे। वे यहां रूद्र नारायण के छोटे भाई बनकर रहे थे। रूद्र नारायण के पुत्र मुकेश नारायण सक्सेना बताते हैं कि रूद्र नारायण जी फोटोग्राफी के शौक़ीन थे और उन्होंने घर में एक स्टूडियो भी बना रखी थी। चंद्रशेखर आज़ाद जब झांसी में गुप्त प्रवास पर थे, उसी समय मास्टर साहब ने उनकी तस्वीर खींचने का अनुरोध किया था। चूंकि चंद्रशेखर आज़ाद मास्टर साहब को बड़े भाई की तरह सम्मान देते थे, इसलिए वे अनुरोध को मना नहीं कर सके। बाकायदा मूंछे उमेठते हुए और पोज देकर उन्होंने फोटो खिंचवाई। इसके साथ ही मास्टर रूद्र नारायण ने एक तस्वीर और खींची जिसमें रूद्र नारायण के परिवार के साथ चंद्रशेखर आज़ाद मौजूद हैं।