
झांसी में ग्राम प्रधान के साथ भाग गई 22 साल की दुल्हन, PC- Patrika
Jhansi Bride Ran Away With Gram Pradhan : झांसी के मऊरानीपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 22 वर्षीय विवाहित महिला अपनी से डेढ़ गुना अधिक उम्र के गांव के प्रधान के साथ फरार हो गई। जाते-जाते उसने अपने पति को आर्थिक रूप से कंगाल बना दिया। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और पीड़ित पति ने इसे सुनियोजित साजिश करार दिया है।
मऊरानीपुर के शिवगंज मोहल्ले निवासी पुष्पेंद्र सिंह ने पुलिस को दी गई तहरीर में गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, उनकी शादी वर्ष 2024 में करिश्मा के साथ हुई थी। शुरुआती दिनों में वैवाहिक जीवन सामान्य था, लेकिन धीरे-धीरे घर में तनाव बढ़ने लगा। समस्या तब शुरू हुई जब किशोरपुरा गांव के 55 वर्षीय ग्राम प्रधान वीरेंद्र पाठक का उनके घर आना-जाना बढ़ गया। आरोप है कि प्रधान और करिश्मा के बीच अनुचित नजदीकियां बढ़ीं, जिससे घरेलू कलह शुरू हो गई। पुष्पेंद्र ने कई बार इस रिश्ते का विरोध किया, लेकिन उनकी बातों को नजरअंदाज कर दिया गया।
29 अप्रैल 2026 की शाम को जब पुष्पेंद्र घर पर नहीं थे, उसी दौरान करिश्मा प्रधान वीरेंद्र पाठक के साथ घर से फरार हो गई। मोहल्ले के कई लोगों ने दोनों को साथ जाते हुए देखा, जिससे मामले की पुष्टि होती है। सबसे गंभीर बात यह है कि करिश्मा जाते समय घर में रखे करीब 2 लाख 40 हजार रुपये नकद राशि और सोने-चांदी के जेवर भी साथ ले गई।
पीड़ित पति का कहना है कि इस घटना ने उन्हें आर्थिक रूप से पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। उन्होंने इसे पूर्व नियोजित साजिश बताया और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। मऊरानीपुर थाना प्रभारी ने पीड़ित की लिखित शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस दोनों आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और जल्द ही उन्हें पकड़ने का दावा किया जा रहा है।पीड़ित पुष्पेंद्र न्याय की गुहार लगाते हुए कहते हैं कि उन्हें अपनी पत्नी और उसकी साथ ली गई संपत्ति दोनों वापस चाहिए।
सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग इस घटना पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई लोग कह रहे हैं कि ऐसे मामलों में महिलाओं की स्वतंत्रता और प्रेम के नाम पर होने वाले विश्वासघात को लेकर सख्त कानून की जरूरत है।
पुलिस जांच के दौरान दोनों पक्षों की बात सुनी जाएगी और साक्ष्यों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय होगी। फिलहाल पूरे झांसी जिले में इस घटना की चर्चा है और लोग न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो वीरेंद्र पाठक पर न केवल अपहरण या संबंधित धाराएं, बल्कि संपत्ति संबंधी धोखाधड़ी के भी मामले बन सकते हैं।
Updated on:
1 May 2026, 3:27 PM IST
Published on:
1 May 2026, 3:27 PM IST
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