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राजनीति में इस महिला का जलवा बरकरार, जीत दर्ज की पांचवी बार, सभी दलों ने मारी हार

उन्होंने अपने राजनीतिक सफर में डिप्टी मेयर तक का मुकाम हासिल किया है।

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sushila dubey elected fifth times in nagar nigam jhansi

राजनीति में इस महिला का जलवा बरकरार, जीत दर्ज की पांचवी बार

झांसी. झांसी नगर निगम में एक ऐसी भी महिला नेता हैं, जिनका यहां की राजनीति में सिक्का चलता है। पिछली बार वार्ड नंबर 51 की पार्षद रहीं सुशीला दुबे लगातार 20 साल से पार्षद थीं और इस बार उन्होंने वार्ड नंबर 49 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पांचवीं बार जीत का परचम फहरा दिया है। पहले तो वह दो बार झांसी नगर पालिका परिषद की सदस्य रहीं और फिर नगर निगम बन जाने के बाद से अब तक उसकी सदस्य हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने राजनीतिक सफर में डिप्टी मेयर तक का मुकाम हासिल किया है।

पहली बार सन् 1995 में बनी थीं नगर पालिका की सदस्य

मध्यप्रदेश के दतिया में जन्मी सुशीला की शादी झांसी के छोटेलाल दुबे के बेटे गोकुल दुबे से हुई। यहां आने के बाद उन्होंने सन् 1995 में नगर पालिका का चुनाव लड़ा। उन दिनों झांसी को नगर पालिका परिषद का ही दर्जा था। तब उनका वार्ड नंबर-27 हुआ करता था। इस चुनाव में उन्हें जनता ने भारी समर्थन देकर विजयी बनाया। इसके बाद सन् 2000 में हुए चुनाव में उन्हें लगातार दूसरी बार सफलता हासिल हुई। वह लगातार दूसरी बार नगर पालिका बोर्ड की मेंबर चुनी गईं।

सन् 2006 में चुनी गईं नगर निगम की सभासद-

इसी बीच में नगर पालिका को नगर निगम का दर्जा दे दिया गया। इसके बाद सन् 2006 में नगर निगम के चुनाव हुए। इसमें हुए परिसीमन में उनका वार्ड बदलकर 27 के बजाए 51 हो गया। इस पर उन्होंने फिर अपनी किस्मत आजमाई। पब्लिक ने फिर उनका साथ दिया और पहले नगर निगम में वह सभासद के रूप में पहुंचीं। इसी कार्यकाल में उन्हें नगर निगम में डिप्टी मेयर भी चुना गया। इसी बीच उन्हें सन् 2008 में झांसी विकास प्राधिकरण का सदस्य भी बनाया गया। इसके बाद सन् 2012 में फिर नगर निगम का चुनाव हुआ और वार्ड नंबर 51 की जनता ने एक बार फिर सुशीला दुबे पर भरोसा जताते हुए उन्हें सभासद चुनकर नगर निगम में भेजा। डिप्टी मेयर तक का मुकाम तय कर चुकीं श्रीमती सुशीला दुबे ने इस बार मेयर का पद अनारक्षित होने के कारण मेयर का चुनाव लड़ने का मन बनाया था। टिकट के लिए उन्होंने बसपा से आवेदन भी किया था। हालांकि, उन्हें टिकट नहीं मिला तो उन्होंने फिर पार्षद का चुनाव लड़ा।

इस बार भी जनता ने खूब लुटाया प्यार

चार बार की पार्षद सुशीला दुबे पर जनता ने पांचवीं बार भी खूब प्यार लुटाया। स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस बार उन्हें 65 फीसदी से ज्यादा वोट मिले। वार्ड नंबर 49 में 7146 मतदाता थे। इसमें से 2962 वोट पड़े। इसमें से सुशीला दुबे ने 1926 वोट पाकर जीत दर्ज की।