
वीरांगना नगरी से लेकर संगम नगरी तक का सफर होगा।
Jhansi News : रेल मंडल झांसी का जोनल मुख्यालय प्रयागराज से जोड़ने वाले सिंगल ट्रैक के कारण संचालन गति नहीं पकड़ सका। इस मार्ग पर दोहरीकरण कार्य को लगभग 2 साल पहले मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन भूमि और अन्य तकनीकी कारणों के चलते दोहरीकरण का कार्य बहुत आगे नहीं बढ़ पाया था। रही सही कसर कोरोना ने पूरी कर दी। अब झांसी- मानिकपुर रेल लाइन दोहरीकरण कार्य तेजी से किया जा रहा है। रेलवे दोहरीकरण के साथ ही इस मार्ग पर पड़ने वाले स्टेशन के प्लैटफॉर्म भी तैयार करने लगा है ताकि वर्ष 2025 में ट्रैक दोहरीकरण का कार्य पूरा हो, तब इसका लाभ यात्रियों को मिलने लगे। रेलवे ने प्लेटफॉर्म निर्माण के लिए टेंडर भी जारी कर दिए हैं।
310 KM है लंबाई
वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन से मानिकपुर तक रेल ट्रैक की लम्बाई लगभग 310 किलोमीटर है। कई दशक तक इस रूट पर गिनी- चुनी ट्रेन ही चल रही थीं। अब यह अपनी क्षमतानुसार व्यस्त रेल मार्ग हो गया है। इस मार्ग पर ट्रेन की संख्या बढ़ने का कुछ खास लाभ यात्रियों को नहीं मिल पा रहा था, क्योंकि सिंगल ट्रैक पर दोनों ओर से दौड़ाई जा रहीं ट्रेन किसी न किसी स्टेशन पर क्रॉसिंग के लिए खड़ी करनी पड़ती हैं। रेल मंत्रालय ने झांसी-बांदा- मानिकपुर रेल लाइन के दोहरीकरण कार्य स्वीकृत करते हुए लगभग 43 अरब रुपये से अधिक के बजट को मंजूरी दे दी थी। रेलवे ने दोहरीकरण कार्य को 2022-23 में पूरा कर लेने की बात कही थी, पर ऐसा नहीं हो सका। रेलवे का कहना है कि दोहरीकरण कार्य मार्च 2025 में पूरा कर लिया जाएगा।
38.11 करोड़ रुपये और किए जाएंगे खर्च
मण्डल रेलवे दोहरीकरण कार्य के साथ रेलवे प्लेटफार्म का निर्माण कार्य भी साथ ही चला रही है। इसको लेकर मण्डल ने टेंडर जारी कर दिया है। जिसमें झांसी-मानिकपुर और खैरार- भीमसेन दोहरीकरण परियोजना में इस रेलमार्ग पर पड़ने वाले वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी और महोबा स्टेशन को छोड़कर सभी स्टेशन पर नये प्लैटफॉर्म, स्लैब, शौचालय ब्लॉक, रास्ते, पेयजल जैसी सुविधाएं प्रदान करने के लिए निर्माण कार्य प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कार्य 38.11 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से होंगे।
ब्रिज का हो रहा है निर्माण
झांसी से मानिकपुर तक होने वाले दोहरीकरण कार्य को लेकर वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 250 करोड़ रुपये देने का प्राविधान किया गया था। इस बजट में झांसी से महोबा के बीच मिट्टी और ब्रिज का काम चल रहा है। रास्ते में पड़ने वाली बेतवा और धसान नदियों के ब्रिज का काम भी प्रगति पर है। बता दें कि इस ट्रैक निर्माण में झांसी-मानिकपुर के 42 बड़े ब्रिज (बड़े), 456 छोट ब्रिज और 4 महत्वपूर्ण बड़े ब्रिज का बेस और पिलर कुछ हद तक तैयार हो चुका है, लेकिन बारिश में उफान रही नदियों के चलते ब्रिज निर्माण की गति में गिरावट आई है।
महोबा व मानिकपुर से होगा दोहरीकरण की शुरुआत
रेल लाइन दोहरीकरण में अभी कुलपहाड़ से महोबा और बरुआसागर से मऊरानीपुर के बीच जमीन को समतल करने के साथ ही ट्रैक बिछाने का काम शुरू हो चुका है। इन्हीं दोनों खण्ड के बीच सबसे पहले 94 किलोमीटर में पटरी डाली जा रही है। इसमें बरुआसागर-मानिकपुर के बीच 42 किलोमीटर और कुलपहाड़-महोबा के बीच 52 किलोमीटर रेल लाइन बिछाई जाएगी। यह रेल खण्ड इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि, इन्हीं खण्ड पर 3 प्रमुख नदियों (बेतवा, केन और धसान) हैं। दोहरीकरण के साथ बढ़ेगी ट्रेन की संख्या और गति झांसी-मानिकपुर के मौजूदा सिंगल ट्रैक पर अभी चल रहीं प्रमुख ट्रेन में उत्तर प्रदेश संपर्क क्रांति, खजुराहो-कुरुक्षेत्र एक्सप्रेस, महाकौशल एक्सप्रेस, तुलसी एक्सप्रेस, चंबल एक्सप्रेस, बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस, उदयपुर-खजुराहो एक्सप्रेस सहित वीरांगना लक्ष्मीबाई - प्रयागराज, वीरांगना लक्ष्मीबाई-बांदा, वीरांगना लक्ष्मीबाई-मानिकपुर पैसेंजर ट्रेन हैं। इनके अलावा कई मालगाड़ी प्रतिदिन गुजरती हैं। डबल लाइन होने के बाद इस रूट पर चलने वाली ट्रेन को जहां नई रफ्तार मिलेगी, वहीं कुछ नई ट्रेन के संचालन की भी संभावनाएं बढ़ेंगी।
Published on:
08 Jul 2023 08:04 am
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