
इस तस्वीर को सोशल मीडिया से लिया गया है।
प्रचार का ठेका लेकर नगर निगम को चूना लगाने वाली कंपनियों की पुरानी फाइलों से नगर निगम ने धूल झड़ाना शुरू कर दिया है। फिलहाल एक कम्पनी को सवा करोड़ रुपये के बकाए का अन्तिम नोटिस दे दिया गया है, जबकि दो और कंपनियों की फाइल निकाली जा रही है। यह दोनों कंपनियां भी विभाग का लाखों रुपए लेकर गायब हो गई हैं।
विभाग को होती है लाखों की आय
नगर निगम द्वारा महानगर में यूनिपोल, कैंटीलीवर, कियॉस्क, होर्डिंग, बैनर आदि का ठेका दिया जाता है। इससे विभाग को लाखों रुपए की आय होती है। पर, कुछ नटवरलाल कंपनियां निर्धारित शुल्क चुकाने में खेल कर देती हैं। पिछले 6 साल में 3 कंपनियां नगर निगम को करोड़ों का चूना लगा चुकी हैं। वर्ष 2017 में एक कंपनी ने 1.27 करोड़ से यूनिपोल, कैंटीलीवर व पोल कियॉस्क का ठेका लिया था, लेकिन इसे लेकर शुरुआत से ही विवाद हो गया। दो साल काम करने के बाद कंपनी रफूचक्कर हो गई। हिसाब-किताब जोड़ा गया तो नगर निगम का उस कंपनी पर 60 लाख रुपए से अधिक की बकायेदारी निकली। नोटिस दिए गए, लेकिन धेला भी वापस नहीं मिला। इसी बीच झांसी की एक कंपनी भी लाखों रुपया समेटकर गायब हो गई, जिसकी फाइल भी दबा दी गई।
भेजा गया अंतिम नोटिस
नगर निगम ने फिलहाल एक कम्पनी को घेरने की तैयारी कर ली है। नगर आयुक्त ने राजमन कंस्ट्रक्शन के संचालक स्वराज स्वामी को अन्तिम नोटिस दिया है। इस कंपनी पर 1.22 करोड़ रुपए का बकाया चल रहा है। नगर निगम द्वारा 9 बार नोटिस दिया गया, लेकिन कंपनी ने पैसा चुकाने की सुध नहीं ली। नगर निगम ने अब उसकी संपत्ति की तलाश शुरू कर दी है तो दो और कंपनियों की फाइल भी निकाल ली है।
9 बार भेजा जा चुका नोटिस
राजमन कंस्ट्रक्शन द्वारा कैंटीलिवर का ठेका लिया गया था, जिसके 1.22 करोड़ रुपए बाकी चल रहे हैं। नगर निगम द्वारा 9 बार नोटिस दिए गए, लेकिन पैसा जमा नहीं कराया गया। अब अंतिम नोटिस दे दिया गया है। इसी तरह प्रचार का पैसा दबाने वाली दो और कंपनियों की भी फाइल निकाली गई है। जल्द ही उनसे वसूली की कार्यवाही शुरू की जाएगी।
Published on:
25 Oct 2023 06:15 am

