
UP Board Practical Exam: जनवरी में हैं प्रैक्टिकल, तैयारी अधूरी - फोटो : सोशल मीडिया
यूपी बोर्ड ने जनवरी में इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षा के कार्यक्रम की घोषणा की है, लेकिन बड़ी संख्या में विद्यालयों में इसका अनुसरण ठीक से नहीं हो रहा है। नगरों और गांवों में विद्यालयों की स्थिति के एक व्यापक आकलन के बाद, समस्याएं सामने आई हैं जिन्हें हल करना अत्यंत आवश्यक है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने जनवरी में इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों की प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए कार्यक्रम घोषित कर दिया है, लेकिन कई विद्यालयों में अभी तक लैब भी ठीक ढंग से कार्य नहीं कर रही है। बीते दिनों संयुक्त शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) प्रेम प्रकाश मौर्य के बबीना क्षेत्र में किए गए औचक निरीक्षण में माध्यमिक विद्यालयों की पोल खोल दी है। महानगर में ही कई सहायता प्राप्त और वित्त विहीन विद्यालयों के लैब में विद्यार्थियों ने महीनों से प्रयोग नहीं किए।
असुविधाएं विद्यालयों की प्रमुख समस्याएं
1. लैब की अभाव
कई विद्यालयों में तो लैब ही नहीं हैं, जिससे छात्रों को प्रयोग नहीं कराया जा सकता है। इससे प्रयोगात्मक परीक्षा की तैयारी में विफलता हो रही है।
2. उपकरण और केमिकल की कमी
सहायता प्राप्त विद्यालयों में भी उपकरण होने के बावजूद नियमित रूप से केमिकल नहीं खरीदे जा रहे हैं, जो प्रैक्टिकल की तैयारी को प्रभावित कर रहा है।
3. अव्यवस्थित निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान अधिकांश अफसरों की ध्यानाकर्षण देने की अनिवार्यता नहीं होने से विद्यालयों की स्थिति लगातार बिगड़ रही है।
इनका कहना है
जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार सिंह का कहना है कि यूपी बोर्ड के परीक्षा केन्द्रों की सूची को अंतिम रूप देने का कार्य पूरा कर लिया गया है। अब जनवरी में होने वाले प्रैक्टिकल को लेकर तैयारी की जाएगी। माध्यमिक विद्यालयों में प्रैक्टिकल के लिए लैब में उपकरण व केमिकल की स्थिति की जांच के लिए निरीक्षण किए जाएंगे। बबीना क्षेत्र में संयुक्त शिक्षा निदेशक के निरीक्षण की आख्या पर कार्यवाही की जाएगी।
Published on:
18 Dec 2023 03:49 pm
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