UP Nagar Nikay Chunav 2023 : झांसी में नगर निकाय चुनाव के आरक्षण ने सबको चौका दिया था। 13 सीटों में 10 अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित की गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सब लोग स्वागत कर रहे हैं।
झांसी में एकतरफा हुए आरक्षण की वजह से जो लोग चुनाव लड़ने की उम्मीद खो बैठे थे उनके लिए अच्छी खबर है। सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण के साथ निकाय चुनाव कराने की इजाजत दे दी है। साथ ही यूपी सरकार का नोटिफिकेशन जारी करने के लिए कहा है। मालूम हो कि नगर निकाय चुनाव के लिए जनवरी महीने में प्रस्तावित आरक्षण में झांसी के 13 निकायों में 10 निकाय की सीट अनुसूचित जाति को आरक्षित कर दी गयी थी। इसके बाद चुनाव की तैयारी में जुटे नेताओं ने काफी विवाद किया था।
नगर निगम सीट OBC के लिए नहीं हुई आरक्षित
झांसी नगर निगम महापौर की सीट आज तक ओबीसी के लिए आरक्षित नही हुई। जबकि अनुसूचित जाति के लिए पहले दो बार आरक्षित हो चुकी है। तीसरी बार फिर इसी वर्ग के लिए आरक्षित की गई थी। यहां चुनाव की तैयारी में जुटे कई नेताओं को ये आरक्षण पसंद नहीं आया था। इसका विरोध शुरू हो गया था। अब उम्मीद लगाई जा रही है कि झांसी सीट ओबीसी के खाते में जा सकती है।
ज्यादातर सीटें अनुसूचित जाति के खाते में
नगर निगम के साथ-साथ नगर पालिका और नगर पंचायत में भी अनुसूचित जाति का दबदबा देखने को मिला। जनपद में नगर पालिका की 6 सीटें हैं। जिनमें मऊरानीपुर, गुरसराय, समथर अनुसूचित श्रेणी में आरक्षित की गयी थी। इसके अलावा 7 नगर पंचायत सीटें हैं जिनमें से 6 सीटें रानीपुर, कटेरा, एरच, मोंठ, गरौठा, टोड़ी फतेहपुर को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया था।
सियासत हुई गर्म
अब नए फार्मूले के चलते इन सीटों में बदलाव होगा। इससे जनपद में एक बार फिर सियासत की चर्चा होने लगीं हैं। सड़क से लेकर चाय की दुकान तक राजनीति गर्म हो चुकी है।