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UP Weather: मोंठ में शीतलहर और घने कोहरे का कहर, जनजीवन प्रभावित, अलाव और राहत व्यवस्था बढ़ाने की मांग

UP Weather  Alert:  मोंठ क्षेत्र में शीतलहर और कड़ाके की ठंड ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। घने कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे यातायात, बाजार और रोज़मर्रा के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। ठंड से राहत के लिए अलाव और कंबल वितरण बढ़ाने की मांग तेज हो गई है।

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झांसी

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Ritesh Singh

Jan 01, 2026

अलाव और राहत व्यवस्था बढ़ाने की उठी मांग, बाजार से लेकर हाईवे तक ठंड का असर     (फोटो सोर्स : Patrika)  

अलाव और राहत व्यवस्था बढ़ाने की उठी मांग, बाजार से लेकर हाईवे तक ठंड का असर     (फोटो सोर्स : Patrika)  

UP Weather Cold Wave and Dense Fog Disrupt Life in Month Area: मोंठ क्षेत्र में इन दिनों शीतलहर और कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार गिरते तापमान और घने कोहरे के चलते आम लोगों की दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो गई है। शाम ढलते ही ठंड का प्रकोप बढ़ जाता है और देर रात से लेकर सुबह तक कोहरे की घनी चादर पूरे क्षेत्र को अपनी गिरफ्त में ले लेती है। दृश्यता बेहद कम होने के कारण सड़क, बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर जनजीवन ठहर सा गया है। नगर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक लोग ठंड से कांपते नजर आ रहे हैं। विशेषकर बुजुर्ग, बच्चे और बीमार लोग इस शीतलहर से सबसे अधिक प्रभावित हैं।

रात्रि और सुबह के समय घना कोहरा, दृश्यता बेहद कम

क्षेत्र में रात्रि और प्रातःकाल के समय कोहरे की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। बुधवार की रात को कोहरे की तीव्रता सबसे अधिक दर्ज की गई, जिससे सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया। कोहरे के कारण दृश्यता इतनी कम हो गई कि कुछ ही मीटर आगे तक देख पाना भी कठिन हो गया। सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों, काम पर निकलने वाले कर्मचारियों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर लोग देर तक घरों में ही दुबके रहे।

हाईवे और संपर्क मार्गों पर रेंगते वाहन

घने कोहरे का सीधा असर यातायात व्यवस्था पर भी पड़ा है। हाईवे मार्गों और मुख्य संपर्क सड़कों पर दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वाहन चालक टिमटिमाती हेडलाइटों के सहारे बेहद धीमी गति से वाहन चलाने को मजबूर नजर आए। कई स्थानों पर वाहन रेंगते हुए चलते दिखाई दिए। कोहरे के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहने से लोग अनावश्यक यात्रा से बचते दिखे। मंगलवार की रात सड़कों पर आवागमन लगभग ठप सा हो गया।

बाजारों में सन्नाटा, कारोबार प्रभावित

शीतलहर और ठंड का असर बाजारों पर भी साफ नजर आया। मोंठ कस्बे सहित आसपास के बाजारों में ग्राहकों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई। सुबह और शाम के समय बाजारों में सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम चहल-पहल देखने को मिली। दुकानदारों का कहना है कि ठंड और कोहरे के कारण ग्राहक घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं, जिससे कारोबार पर प्रतिकूल असर पड़ा है।

दिहाड़ी मजदूर और श्रमिक सबसे ज्यादा प्रभावित

कड़ाके की ठंड ने दिहाड़ी मजदूरों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। काम के अभाव में कई मजदूर हाथ पर हाथ धरे बैठे नजर आए। निर्माण कार्य, खेतों में मजदूरी और अन्य बाहरी कामकाज ठप पड़ने से उनकी रोजी-रोटी पर संकट गहरा गया है। मजदूरों का कहना है कि ठंड के कारण काम मिलना मुश्किल हो गया है और जो काम मिल भी रहा है, उसमें ठिठुरन के बीच काम करना बेहद कठिन है।

अलाव बने सहारा, सार्वजनिक स्थलों पर जुटे लोग

ठंड से बचने के लिए सुबह से लेकर शाम तक लोग सार्वजनिक स्थलों, चौराहों और बाजारों में अलाव तापते नजर आए। हर वर्ग के लोग बुजुर्ग, युवा, महिलाएं और बच्चे अलाव के आसपास सिमटे दिखाई दिए। हालांकि लोगों का कहना है कि नगर पंचायत क्षेत्र में अलाव की संख्या जरूरत के हिसाब से काफी कम है। कई स्थानों पर अलाव की समुचित व्यवस्था न होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

राहत व्यवस्था अपर्याप्त, कंबल वितरण बढ़ाने की मांग

क्षेत्रीय प्रशासन द्वारा जरूरतमंद और गरीब तबके के लोगों को कंबल आदि वितरित किए जा रहे हैं, लेकिन नागरिकों का कहना है कि यह व्यवस्था अभी अपर्याप्त है। नगर क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी ठंड से राहत के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने ग्राम पंचायत स्तर पर अलाव और कंबल वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि कई गांवों में अभी तक अलाव की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।

बुजुर्ग, बीमार और असहाय सबसे ज्यादा खतरे में

शीतलहर का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, बीमारों और असहाय लोगों पर पड़ रहा है। ठंड के कारण सर्दी, खांसी, बुखार और अन्य मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या में भी वृद्धि देखी जा रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि इन वर्गों के लिए विशेष राहत की व्यवस्था की जाए, ताकि कड़ाके की ठंड में उन्हें सुरक्षित रखा जा सके।

सामाजिक संगठनों से आगे आने की अपील

नागरिकों ने सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों से भी आगे आने की अपील की है। लोगों का कहना है कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को कंबल, गर्म कपड़े, ऊनी वस्त्र और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना समय की मांग है।

प्रशासन से त्वरित कदम उठाने की मांग

क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अलाव की संख्या बढ़ाई जाए.कंबल और गर्म वस्त्रों का वितरण तेज किया जाए.हाईवे और प्रमुख मार्गों पर यातायात सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाएं। ताकि शीतलहर के प्रकोप से लोगों को कुछ राहत मिल सके।

आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है ठंड

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड और कोहरा और भी बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों को विशेष सतर्कता बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जा रही है। कुल मिलाकर मोंठ क्षेत्र में शीतलहर और घने कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। अब देखना यह है कि प्रशासन और सामाजिक संगठन राहत व्यवस्था को कितनी तेजी से और प्रभावी ढंग से लागू करते हैं।