
झांसी में सपा नहीं उतार पाई पूरे प्रत्याशी।
उत्तर प्रदेश का मुख्य विपक्षी दल निकाय चुनाव में बैकफुट पर नजर आ रहा है। पार्टी नगर निकाय चुनाव में झांसी के आधे वार्ड में ही अपने प्रत्याशी उतार पाई है। पुराने शहर में उसे कोई प्रत्याशी ही नहीं मिला है। बीएसपी और कांग्रेस भी इस चुनाव में पिछड़ गई। सिर्फ बीजेपी ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसके हर वार्ड में प्रत्याशी हैं।
BJP को छोड़, सभी दल फिसड्डी नजर आ रहे
2024 में लोकसभा का चुनाव है। ऐसे में इस नगरीय निकाय चुनाव का महत्व बढ़ जाता है। चुनावी रण में भले ही प्रत्याशी का चेहरा नजर आता है, लेकिन उसकी जीत सुनिश्चित करने के पीछे संगठन की भूमिका सबसे अहम रहती है। प्रत्येक राजनीतिक दल संगठन की ताकत पर ही चुनाव लड़ता है। इसके लिए वार्ड और बूथ स्तर पर कमेटी का गठन किया जाता है, जिससे जुड़े कार्यकर्ताओं को ही प्रत्याशी बनाकर मैदान में उतारा जाता है।
आधे पर रह गई सपा
नगरीय निकाय चुनाव के नामांकन में ही सपा की स्थिति डगमगाने लगी है। इस बार नगर निगम के चुनाव की तस्वीर काफी फीकी नजर आ रही है। वजह कुछ भी हो, लेकिन भाजपा को छोड़ अधिकांश राजनीतिक दल चुनाव में कोई दिलचस्पी दिखाते नजर नहीं आ रहे। नामांकन के बाद उभरी स्थिति इसको बयां कर रही है। समाजवादी पार्टी नगर निगम के 60 वार्ड में से 30 में प्रत्याशी नहीं उतार पाई है। इसी तरह बहुजन समाज पार्टी को भी 24 वार्ड में प्रत्याशी नहीं मिले तो कांग्रेस 19 वार्ड में चुनावी मैदान से बाहर हो गई है।
आप भी इस बार मैदान में
हाली ही में आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल किया है। इस बार नगर निकाय चुनाव में पार्टी की सक्रियता भी नजर आ रही है। पार्टी ने महापौर पद पर नरेश वर्मा को मैदान में उतारा है तो 15 वार्ड में भी प्रत्याशी उतारे है। पिछले चुनाव में पार्टी ने 2 वार्ड में जीत दर्ज की थी। वार्ड 42 में आशीष रायकवार व वार्ड 34 से जितेन्द्र सिंह आम आदमी पार्टी से जीते थे।
Published on:
19 Apr 2023 07:30 am
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